- 46 करोड़ लीटर पानी होगा संरक्षित कोरबा (ईएमएस) कोरबा जिले में भू-जल स्तर को सुधारने और वर्षा जल के संरक्षण के उद्देश्य से 46 ग्राम पंचायतों में ‘नवा तरिया’ (तालाब) का निर्माण कराया जा रहा है। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत संचालित इस महत्वाकांक्षी परियोजना से हर वर्ष लगभग 46 करोड़ लीटर वर्षा जल का संचयन किया जा सकेगा। जानकारी के अनुसार प्रत्येक नवा तरिया लगभग एक एकड़ क्षेत्रफल में बनाया जा रहा है, जिसकी लागत 12 से 15 लाख रुपये के बीच है। तालाब की गहराई करीब 3 मीटर रखी गई है। एक तालाब में लगभग 10 हजार घन मीटर (करीब 1 करोड़ लीटर) वर्षा जल संग्रहित करने की क्षमता होगी। इस प्रकार 46 तालाबों के माध्यम से जिले में बड़े पैमाने पर जल संरक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। भू-जल स्तर में लगातार गिरावट को देखते हुए इस योजना की रूपरेखा तैयार की गई है। अधिकारियों ने स्थल चयन के दौरान विशेष ध्यान रखा है ताकि वर्षा का पानी प्राकृतिक रूप से तालाबों तक पहुंच सके। गर्मी के दिनों में वनांचल क्षेत्रों में भू-जल स्तर 30 मीटर से अधिक नीचे चला जाता है, जिससे कई हैंडपंप बंद हो जाते हैं। ऐसे में नवा तरिया भू-जल पुनर्भरण (रिचार्ज) में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। जिले के विभिन्न विकासखंडों में निर्माण कार्य तेजी से जारी है। पाली विकासखंड के नवापारा और रतिजा, कोरबा विकासखंड के सोनपुरी तथा करतला विकासखंड के खरहरी सहित कई गांवों में तालाबों का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच चुका है। - किसानों को मिलेगा सिंचाई का लाभ नवा तरिया के निर्माण से आसपास के किसानों को सिंचाई के लिए भी पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा। किसान पंप लगाकर फसलों की सिंचाई कर सकेंगे, जिससे कृषि उत्पादन में वृद्धि की संभावना है। * मछली पालन और कमल खेती को मिलेगा बढ़ावा प्रशासन ने इन तालाबों को ग्रामीण आजीविका से जोड़ने की भी योजना बनाई है। मछली पालन के लिए ग्राम समूहों को पट्टे पर तालाब उपलब्ध कराए जाएंगे तथा मत्स्य विभाग द्वारा मछली बीज उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा कमल फूल की खेती और कांदा उत्पादन जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा देने की तैयारी है। -256 डबरी का निर्माण भी जारी जल संरक्षण अभियान के तहत जिले में 256 डबरी (छोटे जलाशय) का निर्माण भी कराया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल उपलब्धता बढ़ेगी और भू-जल स्तर में सुधार होगा। - बारिश से पहले पूरा होगा निर्माण कार्य मनरेगा के सहायक कार्यक्रम अधिकारी (एपीओ) संदीप डिक्सेना ने बताया कि नवा तरिया निर्माण कार्य 80 से 90 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है और मानसून से पहले सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएंगे। करतला क्षेत्र के पुरेना और खरहरी गांवों में जल संरक्षण के प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। ग्राम पुरेना सरपंच कृष्णा बिंझवार के अनुसार पहले गर्मी के मौसम में पानी काफी गहराई पर मिलता था, लेकिन अब भू-जल स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है और कम गहराई में ही पानी उपलब्ध होने लगा है। 08 जून / मित्तल