- फर्जी ऑर्डर देकर बुलाया, पिज्जा डिलीवरी के दौरान मार दी गोली - एजुकेशन लोन चुकाने के लिए अमेरिका में कर रहा था पार्ट-टाइम काम - परिवार ने की केंद्र और तेलंगाना सरकार से अंशुल का शव भारत लाने की मांग हैदराबाद (ईएमएस)। अमेरिका के फिलाडेल्फिया में पिज्जा डिलीवरी के दौरान हैदराबाद के 28 वर्षीय युवक अंशुल कुंचा की गोली मारकर हत्या किए जाने के दो दिन बाद पीड़ित परिवार ने सरकार से न्याय की गुहार लगाई है। अंशुल की बहन तन्वी कुंचा ने बेहद भावुक अपील करते हुए कहा, “बस हमारे भाई को वापस घर ले आइए, हमें और कुछ नहीं चाहिए।” रोते-बिलखते परिवार ने केंद्र और तेलंगाना सरकार से अंशुल के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने की प्रक्रिया तेज करने की मांग की है। हैदराबाद के बाहरी इलाके गुंडलापोचमपल्ली के रहने वाले अंशुल ने सीबीआईटी से बीटेक की पढ़ाई की थी और करीब चार साल पहले वे उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए थे। परिवार के मुताबिक, वे वहां एक जापानी बहुराष्ट्रीय कंपनी में अच्छे पद पर कार्यरत थे, लेकिन अपने एजुकेशन लोन (शिक्षा ऋण) को जल्द चुकाने के लिए सप्ताहांत (वीकेंड) पर पिज्जा डिलीवरी का पार्ट-टाइम काम भी करते थे। फिलाडेल्फिया पुलिस विभाग की शुरुआती जांच में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस के अनुसार, अंशुल को एक हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के अपार्टमेंट में पिज्जा डिलीवर करने के लिए भेजा गया था, लेकिन बाद में पता चला कि वह पता पूरी तरह से खाली पड़े एक फ्लैट का था। इससे पुलिस को गहरा संदेह है कि बदमाशों ने फर्जी ऑर्डर देकर जानबूझकर अंशुल को जाल में फंसाने के लिए वहां बुलाया था। पुलिस को घटनास्थल के पास से गोली के खाली खोखे मिले हैं, जबकि खाली पड़े अपार्टमेंट के अंदर तीन पिज्जा बॉक्स और डिलीवरी बैग बिना छुए बरामद हुए हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर अंशुल डिलीवरी लेकर अंदर जाते दिख रहे हैं, जबकि काले कपड़ों में दो संदिग्ध लोग उनका पीछा करते नजर आ रहे हैं। पुलिस अब उस फोन नंबर की बारीकी से जांच कर रही है जिससे वह फर्जी ऑर्डर बुक किया गया था। बहन तन्वी ने बताया कि अंशुल की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी और वे पिछले छह महीनों से ही अतिरिक्त कमाई के लिए यह काम कर रहे थे। उन्होंने यह भी साफ किया कि भाई का कोई भी कीमती सामान या पैसे चोरी नहीं हुए हैं, जिससे परिवार को अंदेशा है कि यह लूटपाट नहीं बल्कि एक सुनियोजित हमला था। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरा परिवार गहरे सदमे में है; अस्थमा से पीड़ित अंशुल की मां की तबीयत खबर सुनते ही बिगड़ गई, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। परिवार ने भारत सरकार के ‘मदद’ पोर्टल के जरिए शिकायत दर्ज कराई है और केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों से मदद मांगी है। इस बीच, अमेरिकी स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास ने अंशुल की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि वे पीड़ित परिवार के लगातार संपर्क में हैं और हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है। स्थानीय प्रशासन द्वारा सोमवार को शव सौंपे जाने की उम्मीद है, जिसके बाद टीमएड के अध्यक्ष मोहन नन्नापेनी के अनुसार, 11 जून तक अंशुल का पार्थिव शरीर भारत पहुंचने की संभावना है। रामयश/ईएमएस 08 जून 2026