राज्य
08-Jun-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। 30 मई को साकेत में एक इमारत गिरने से हुई छह लोगों की मौत के लिए दिल्ली हाई कोर्ट के मौजूदा जज को जिम्मेदार ठहराने से संबंधित वीडियाे को सोशल मीडिया से हटाने का हाई कोर्ट ने सोमवार को आदेश दिया। न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा और न्यायूमर्ति मधु जैन की पीठ कहा कि जिस अकाउंट से वीडियो को अपलोड किया गया है उसे ब्लाॅक करने का आदेश देने पर अदालत विचार कर सकती है। पीठ ने कहा कि इस तरह की घटनाएं अब आम हो गई हैं और अक्सर सामने आ रही हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफाॅर्म को ऐसी कंटेंट के खिलाफ सक्रिय कदम उठाने की जरूरत है। अदालत ने उक्त टिप्पणी दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (डीएचसीबीए) द्वारा साइकोलाॅजिस्ट और एक्टिविस्ट डाॅ. कपिल काकर के खिलाफ द्वारा अदालत की आपराधिक अवमानना की याचिका की। डीएचसीबीए की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता और अध्यक्ष एन हरिहरन ने आरोप लगाया कि काकर ने हाई कोर्ट के एक मौजूदा जज और न्यायपालिका के खिलाफ अपमानजनक और अवमाननापूर्ण बातें कही थीं। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ ईएमएस/08/जून/2026