कोलकाता,(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने इंडिया गठबंधन की बैठक और उसमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की मौजूदगी को लेकर तीखा निशाना साधा है। बंगाल की नई सुवेंद अधिकारी की सरकार में मंत्री घोष ने गठबंधन की प्रासंगिकता पर सवाल उठाकर कहा कि जब इंडिया गठबंधन में अब कुछ भी शेष नहीं बचा है, तब ऐसी बैठकों का क्या औचित्य है? उन्होंने दावा किया कि ममता बनर्जी, जो पहले ऐसी बैठकों से दूर रहती थीं, अब राजनीतिक मजबूरी में इसमें शामिल हो रही हैं। बीजेपी नेता घोष ने तीखे लहजे में पूछा, जिनके पास अपनी पार्टी के सांसद और विधायक नहीं हैं, वे दूसरी पार्टियों के साथ मिलकर क्या करेंगी? दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और ममता बनर्जी के बीच हुई हालिया बैठक पर भी तंज कसते हुए घोष ने कहा कि यह देखना होगा कि वे एक-दूसरे की किस प्रकार मदद कर पाएंगे और इंडिया गठबंधन में आखिर कितने लोग उनके साथ हैं। टीएमसी की आंतरिक स्थिति पर टिप्पणी कर मंत्री घोष ने दावा किया कि यह पार्टी सत्ता से हटते ही पूरी तरह खत्म हो गई है और अब इसका विसर्जन होना ही था। उन्होंने आरोप लगाया कि बैठकों में न विधायक और न ही सांसद आ रहे हैं, और पार्षद भी गायब हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि पार्टी जनता का जनादेश खो चुकी है और जनता को इस मान लेना चाहिए। आशीष दुबे / 08 जून 2026