अंतर्राष्ट्रीय
08-Jun-2026


कोलकाता (ईएमएस)। पश्चिम बंगाल की राजनीति में ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम के इस्तीफे के बाद कोलकाता नगर निगम (केएमसी) में नेतृत्व संकट गहरा गया है। इसके चलते नगर निगम में टीएमसी की स्थिति कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है। रिपोर्ट के अनुसार, पिछले कुछ सप्ताहों में कई पार्षदों के इस्तीफे और पार्टी के भीतर बढ़ती असंतोष की स्थिति ने संकट को और बढ़ा दिया है। फिरहाद हकीम, जो वर्ष 2018 से कोलकाता के मेयर थे और ममता बनर्जी के करीबी सहयोगी माने जाते हैं, ने पद छोड़ दिया है। उनके इस्तीफे के बाद नए नेतृत्व को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि टीएमसी पार्षदों की एक महत्वपूर्ण बैठक भी स्थगित करनी पड़ी। पार्टी के भीतर गुटबाजी और नेतृत्व को लेकर मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। यदि समय पर नया प्रशासनिक ढांचा नहीं बन पाया तो नगर निगम के संचालन के लिए प्रशासक नियुक्त किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हाल के महीनों में टीएमसी को कई राजनीतिक झटके लगे हैं। पार्टी के भीतर बगावत, नेताओं के इस्तीफे और संगठनात्मक फेरबदल ने ममता बनर्जी की चुनौतियां बढ़ा दी हैं। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़े बदलाव का संकेत हो सकता है। सुबोध/०८-०६-२०२६