तेहरान (ईएमएस)। मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। ईरान ने ‘ऑपरेशन नस्र’ के तहत इजराइल के महत्वपूर्ण सैन्य ठिकानों और एयरबेस को निशाना बनाते हुए बैलिस्टिक मिसाइलों की नई खेप दागी है। यह हमला हाल ही में बेरूत में हुए इजराइली हवाई हमलों के जवाब में किया गया बताया जा रहा है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों को रोकने के लिए इजराइल की बहुस्तरीय वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी गई। इजराइली सेना ने दावा किया कि अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया गया या वे निर्जन क्षेत्रों में गिरीं। हमले के दौरान उत्तरी इजराइल के कई इलाकों में सायरन बजाए गए और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देश दिए गए। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने इस कार्रवाई को इजराइल के खिलाफ जवाबी अभियान की शुरुआत बताया है। वहीं इजराइल ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए पश्चिमी ईरान और मध्य ईरान में सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं। इस घटनाक्रम के बाद पूरे क्षेत्र में युद्ध की आशंका बढ़ गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित कई अंतरराष्ट्रीय नेताओं ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और हालात को और अधिक नहीं बिगाड़ने की अपील की है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह सैन्य टकराव जारी रहा तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। सुबोध/०८-०६-२०२६