- कई होटलों में नहीं मिला आपातकालीन निकास नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली में हौजरानी की घटना में हुई 22 मौतों के बाद एजेंसियों के आगे से फिलहाल भ्रष्टाचार की पट्टी हटती हुई नजर आ रही है। क्योंकि अब निरीक्षण की बाध्यता सरकार के निर्देश पर हुई तो कई खामियां नजर आ रही हैं। इसमें बड़ी खामियां ये हैं कि निरीक्षण में कई होटल ऐसे मिले हैं जिसमें आपातकालीन द्वार तक नहीं है। वहीं, अगर अग्निशमन से बचाव के उपकरण लगे हैं तो वह भी सही से काम नहीं कर रहे हैं। इतना ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में कालोनियां काटी जा रही है और तो और कृषि भूमि पर निर्माण हो रहे हैं। इन सभी खामियों के बाद संबंधित एजेंसियां सीलिंग से लेकर नोटिस देने तक की कार्रवाई कर रही है। सरकार की रिपोर्ट के अनुसार विभिन्न विभागों के संयुक्त सर्वेक्षण के गठित विशेष टीम ने अब तक 529 स्थानों पर सर्वेक्षण कर लिया है। इसमें 77 सर्वेक्षण अकेले मंगलवार को किए गए। रिपोर्ट के अनुसार करोल बाग में कई ऐसे होटल व व्यावसायिक संपत्तियां मिली हैं जिसमें आपातकालीन निकास तक नहीं है वहीं, कई स्थानों अग्निशमन से बचाव के उपकरण तक कार्य नहीं कर रहे हैं। इसको लेकर करोल बाग के फैज रोड स्थित होटल सन साइन, बीएनबी राम पैलेस होटल सन पैलेस, होटल फार्चुनर, रिज मैडनेस, होटल अलकासा,होटल मेट्रो स्टार को आपातकालीन निकास न होने या फिर अग्निशमन के उपकरणों के न चलने पर नोटिस जारी किया है। संयुक्त टीम बहुत ही बारीकी से निगरानी कर रही है। इसमें सुरक्षा के हर पहुल को देखा जा रहा है। पहाड़गंज के नोवोटेल होटल को इसलिए नोटिस दे दिया कि उसकी लिफ्ट में आपातकालीन स्थिति के लिए लगे बटन में किसी ने रिस्पोंस नहीं किया। इतना ही नहीं स्वीमिंग पूल के पास मौजूद आपातकालीन बटन भी काम नहीं कर रहा था। जबकि इमारत के पास बिल्डिंग सेक्शन प्लान भी था। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/10/ जून /2026