राज्य
10-Jun-2026
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:: इंदौर का वैभव देख मंत्रमुग्ध हुए विदेशी प्रतिनिधि, राजवाड़ा में जाना देवी अहिल्या का गौरवशाली इतिहास :: इंदौर (ईएमएस)। शहर में चल रहे ब्रिक्स देशों के पांच दिवसीय कृषि सम्मेलन के दूसरे दिन बुधवार को विदेशी मेहमानों के कदम जब इंदौर के गौरव यानी ऐतिहासिक राजवाड़ा में पड़े, तो वे यहाँ की स्थापत्य कला और समृद्ध इतिहास को देखकर मंत्रमुग्ध हो गए। इथोपिया, ब्राजील, साउथ अफ्रीका और इंडोनेशिया सहित विभिन्न देशों से आए डेलीगेट्स ने न सिर्फ होलकरकालीन न्याय व्यवस्था और वैभव को समझा, बल्कि करीब पौने तीन सौ साल पुरानी जैविक कृषि पद्धति को जानकर हैरान रह गए। राज्य शासन और स्थानीय प्रशासन द्वारा विदेशी प्रतिनिधियों का स्वागत विशुद्ध मालवी परंपरा के अनुसार पुष्पवर्षा कर और अंगवस्त्र पहनाकर किया गया। :: सर अल्बर्ट हावर्ड ने भी किताबों में किया था इंदौर की जैविक खेती का जिक्र :: राजवाड़ा के भव्य गणेश हॉल और दरबार हॉल के अवलोकन के दौरान इतिहासकारों ने मेहमानों को बताया कि होलकर राज में कृषि की बेहद उन्नत और वैज्ञानिक व्यवस्था थी। उस दौर में भी यहाँ कचरे, गोबर, राख और कृषि अवशेषों से कम्पोस्ट खाद बनाकर शत-प्रतिशत जैविक खेती की जाती थी। ब्रिटिश हुकूमत के दौरान कैम्ब्रिज से पढ़े विख्यात कृषि वैज्ञानिक सर अल्बर्ट हावर्ड ने खुद इंदौर में रहकर इस व्यवस्था को बारीकी से समझा था और अपनी पुस्तकों में इसका विशेष उल्लेख किया है। :: इन्द्रेश्वर मंदिर से इंदौर बनने की कहानी सुनी :: भ्रमण के दौरान मेहमानों को इंदौर के नामकरण का इतिहास भी बताया गया। इतिहासकारों ने दस्तावेजों के माध्यम से स्पष्ट किया कि इस शहर का नाम यहाँ स्थापित प्राचीन इन्द्रेश्वर मंदिर के नाम पर पहले इन्दूर पड़ा था, जो समय के साथ बदलकर इंदौर के रूप में चलन में आया। :: सात मंजिला महल कच्हरी की बनावट देख लीं तस्वीरें :: मल्हारराव होलकर द्वारा निर्मित इस सात मंजिला ऐतिहासिक इमारत (जिसे पूर्व में महल कच्हरी या महल वाड़ा भी कहा जाता था) की दीर्घाओं और मुख्य द्वार पर विदेशी मेहमानों ने जमकर तस्वीरें खिंचवाईं। इतिहासकारों ने उन्हें बताया कि कैसे देवी अहिल्याबाई होलकर के काल में सामाजिक और लोक-कल्याणकारी कार्य किए गए। साथ ही, महेश्वर की प्रसिद्ध महेश्वरी साड़ियों के इतिहास से भी उन्हें रूबरू कराया गया। इस दौरान प्रतिनिधियों ने मालवा के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी चखा। भ्रमण के दौरान नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, स्मार्ट सिटी के सीईओ अर्थ जैन सहित इतिहासकार जफ़र अंसारी, श्रीमती शर्वाणी जोशी एवं सुश्री संघमित्रा पिपलोदा मुख्य रूप से उपस्थित थे। प्रकाश/10 जून 2026