- कहानी को सच दिखाने के लिए पति ने खुद को भी पिटवाया - साइबराबाद पुलिस ने खोला खौफनाक राज हैदराबाद (ईएमएस)। तेलंगाना के हैदराबाद (साइबराबाद) में एक महिला की सनसनीखेज हत्या के मामले को सुलझाते हुए पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। जिस घटना को पहले लूट, किडनैपिंग और हत्या का रंग दिया जा रहा था, वह असल में पति द्वारा रची गई एक खौफनाक साजिश निकली। पुलिस ने इस मामले में मृतका के पति और बिहार के एक सुपारी किलर गैंग के सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरी वारदात 30 मई, 2026 की रात को आईडीए बोलाराम पुलिस स्टेशन के अंतर्गत गंडीगुडम गांव के बाहरी इलाके में हुई थी। आरोपी पति अनिल कुमार साह ने पुलिस को गुमराह करने के लिए एक मनगढ़ंत कहानी गढ़ी थी। उसने शिकायत में दावा किया था कि जब वह अपनी 36 वर्षीय पत्नी मीना देवी के साथ सब्जी मंडी से बाइक पर घर लौट रहा था, तभी एक मीटर फैक्ट्री के पास उनकी बाइक अचानक खराब हो गई। उसने आरोप लगाया कि सन्नाटे का फायदा उठाकर झाड़ियों से तीन अज्ञात बदमाश निकले और उसकी पत्नी को जबरन घसीटकर घने जंगल में ले गए, जहां उन्होंने उसकी हत्या कर दी। अनिल ने यह भी दावा किया कि पत्नी को बचाने के दौरान बदमाशों ने उसकी भी बेरहमी से पिटाई की और उसकी बाइक लेकर फरार हो गए। पुलिस उपायुक्त श्रीनिवास ने बताया कि आरोपी पति ने पूरी घटना का ताना-बाना इस तरह बुना था जिससे पुलिस और जनता को लगे कि किसी अज्ञात गिरोह ने महिला का अपहरण कर उसके साथ यौन उत्पीड़न किया और फिर उसकी जान ले ले। इस कहानी को पूरी तरह सच साबित करने के लिए अनिल कुमार ने अपने हाथों और पीठ पर खुद ही मामूली चोटें पहुंचाई थीं, ताकि पुलिस को लगे कि बदमाशों के साथ हाथापाई में उसे ये चोटें आईं। मृतका के भाई सोनू लाल कुमार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था। अंधे कत्ल की इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस ने आठ विशेष टीमों का गठन किया था। जब पुलिस ने अनिल कुमार से कड़ाई से पूछताछ की और कड़ियों को जोड़ा, तो उसका झूठ टिक नहीं सका और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी मीना देवी पिछले तीन सालों से उसकी सारी कमाई अपने मायके (माता-पिता को) भेज देती थी। इसके अलावा, कुछ समय पहले एक दुर्घटना में घायल होने के बाद जब अनिल शारीरिक रूप से कमजोर हो गया, तो पत्नी उसकी लगातार उपेक्षा करने लगी थी। इसी बात से तंग आकर उसने पत्नी को रास्ते से हटाने का फैसला किया और बिहार के एक अपराधी गिरोह को 2 लाख रुपये की सुपारी दे दी। फिलहाल पुलिस ने पति समेत दो आरोपियों को जेल भेज दिया है और गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश की जा रही है। रामयश/ईएमएस 11 जून 2026