जयपुर,(ईएमएस)। दौसा में पूर्व केंद्रीय मंत्री राजेश पायलट की 26वीं पुण्यतिथि पर आयोजित सर्वधर्म प्रार्थना सभा राजस्थान की राजनीति का केंद्र बनी। अपने दोनों बेटों के साथ पिता को श्रद्धांजलि देने पहुंचे कांग्रेस महासचिव सचिन पायलट ने कई अहम राजनीतिक मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखी। हाल ही में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बगावत संबंधी बयानों पर पलटवार कर पायलट ने मुस्कुराते हुए कहा कि गहलोत जी का स्नेह उनके साथ भी उतना ही है, जैसा उनके बेटे वैभव गहलोत के साथ है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में उनके बीच मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद कभी नहीं रहे। हालांकि, इससे ठीक पहले, पायलट ने बिना नाम लिए विरोधियों को आंख में आंख डालकर सच-झूठ पहचानने की चुनौती दी थी। अपने पिता के स्मारक से कांग्रेस नेता पायलट ने भजनलाल और केंद्र सरकार पर चौतरफा हमला किया। उन्होंने देश में नीट पेपर लीक और लगातार हो रही परीक्षाओं में धांधली पर गहरी चिंता जताकर कहा कि इससे 22 लाख से अधिक युवाओं का भविष्य दांव पर है। पायलट ने किसानों की घटती आमदनी, डीजल-पेट्रोल और गैस सिलेंडर के आसमान छूते दामों पर सवाल उठाए, साथ ही सरकार के किसान 20 दिन काम करता है जैसे बयानों को उनकी किसान विरोधी मानसिकता का परिचायक बताया। राजस्थान की कानून व्यवस्था पर बरसते हुए पायलट ने कहा कि प्रदेश में खुलेआम लूटपाट, अत्याचार और गोलीबारी हो रही है, जबकि सरकार में आपसी खींचतान इतनी है कि सत्ता का असली केंद्र कौन है, इस लेकर ही असमंजस बना हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा को सत्ता में आए 12 साल हो गए हैं, लेकिन वे आज भी अपनी नाकामियों के लिए जवाहरलाल नेहरू, इंदिरा गांधी और मनमोहन सिंह को कोसते रहते हैं। अंत में, पायलट ने मध्य प्रदेश से कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का राज्यसभा नामांकन रद्द होने को एक बड़ी और सोची-समझी साजिश करार दिया। उन्होंने ऐलान किया कि कांग्रेस इस लोकतंत्र विरोधी कदम के खिलाफ न्याय के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। आशीष दुबे / 11 जून 2026