ताकि किसान और भू-स्वामी आसानी से निर्णय समझ सकें- कलेक्टर श्री यादव सीमांकन और नामांतरण प्रकरणों में “पहले आवेदन, पहले निराकरण” की व्यवस्था लागू होगी राजस्व अधिकारियो की समीक्षा बैठक संपन्न, दिए गये अहम् दिशा-निर्देश दमोह (ईएमएस)। जनसुनवाई में सबसे अधिक शिकायतें राजस्व विभाग से संबंधित प्राप्त हो रही हैं, जिनमें सीमांकन प्रकरण प्रमुख हैं। नागरिकों द्वारा सीमांकन नहीं होने, गलत सीमांकन किए जाने, आदेश की कॉपी और फील्ड बुक उपलब्ध नहीं कराने जैसी शिकायतें लगातार सामने आ रही थीं। इन समस्याओं के समाधान के लिए समय-समय पर अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद सीएम हेल्पलाइन में दर्ज निराकरण कई मामलों में तथ्यों से परे पाए गए। इसके बाद तहसीलदार और नायब तहसीलदारों द्वारा आरसीएमएस (RCMS) पोर्टल पर अपलोड किए गए आदेशों की जांच कराई गई। इस आशय की बात कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने राजस्व अधिकारियो की समीक्षा बैठक के दौरान कही। इस अवसर पर अपर कलेक्टर मीना मसराम खासतौर पर मौजूद रही। कलेक्टर श्री यादव ने कहा जिले के 18 न्यायालयों के आदेशों का रैंडम परीक्षण किया गया, जिसमें कई गंभीर त्रुटियां सामने आईं। कई मामलों में केवल प्रपत्र अपलोड कर दिए गए थे, जबकि आदेश संलग्न नहीं थे। कुछ आदेशों में गलत दस्तावेज अपलोड पाए गए और कई आदेश मात्र दो पंक्तियों में बिना पर्याप्त कारण दर्ज किए निरस्त कर दिए गए थे। उन्होने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि आदेशों की गुणवत्ता बेहतर होनी चाहिए और सभी आवश्यक दस्तावेज समय पर पोर्टल पर अपलोड किए जाएं। कलेक्टर ने कहा कि गलत तथ्यों के आधार पर आवेदन निरस्त करने से आम नागरिक और किसान अनावश्यक रूप से परेशान हो रहे हैं। बैठक के दौरान प्रत्येक तहसील और न्यायालय के त्रुटिपूर्ण आदेशों को अधिकारियों के सामने प्रस्तुत किया गया। अधिकारियों ने भी स्वीकार किया कि कार्यप्रणाली में गंभीर कमियां रह गई थीं। सीमांकन संबंधी मामलों के निराकरण को प्राथमिकता देते हुए कलेक्टर ने सभी राजस्व निरीक्षकों की अलग से समीक्षा की। उन्होंने प्रत्येक अधिकारी से सीमांकन प्रकरणों की स्थिति पूछी और लंबित मामलों के कारणों की जानकारी ली। उन्होने कहा कि किसानों और भू-स्वामियों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा तथा राजस्व मामलों के निराकरण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। रोवर मशीन को एक-एक सप्ताह के लिए तहसीलों में उपलब्ध कराया जाएगा कलेक्टर श्री यादव ने कहा जिले में करोड़ों रुपये की रोवर मशीन होने के बावजूद उसका उपयोग केवल सात सीमांकन मामलों में किए जाने पर नाराज़गी जताई। उन्होने कहा मशीन की क्षमता प्रतिदिन तीन से चार सीमांकन करने की है, लेकिन एक साल में इसका बेहद कम उपयोग किया गया, जबकि जिले में सैकड़ों सीमांकन प्रकरण लंबित हैं। अब सभी तहसीलों के लिए रोस्टर तैयार किया जाएगा और रोवर मशीन को एक-एक सप्ताह के लिए तहसीलों में उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि लंबित मामलों का तेजी से निराकरण हो सके। सीमांकन और नामांतरण प्रकरणों में “पहले आवेदन, पहले निराकरण” की व्यवस्था लागू होगी उन्होने कहा सीमांकन और नामांतरण प्रकरणों में “पहले आवेदन, पहले निराकरण” की व्यवस्था लागू होगी। पुराने लंबित आवेदनों को प्राथमिकता दी जाएगी और मनमाने तरीके से मामलों का निपटारा नहीं किया जाएगा। उन्होने अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी आदेश स्पष्ट, गुणवत्तापूर्ण और “स्पीकिंग ऑर्डर” के रूप में जारी किए जाएं, ताकि किसान और भू-स्वामी आसानी से निर्णय समझ सकें। फील्ड विजिट करे अधिकारी कलेक्टर श्री यादव ने सभी एसडीएम को नियमित फील्ड विजिट करने, स्कूल, आंगनवाड़ी, छात्रावास और अन्य सरकारी संस्थानों का निरीक्षण करने तथा कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए। साथ ही जनसुनवाई और हल्का निवारण शिविरों के प्रभावी संचालन पर भी जोर दिया। उन्होने चेतावनी दी कि समय पर कार्य नहीं करने वाले पटवारी और राजस्व निरीक्षकों के खिलाफ प्रस्ताव बनाकर कार्रवाई की जाएगी। उन्होने साफ कहा है कि तहसीलों और राजस्व कार्यालयों का लगातार निरीक्षण होगा और किसी भी प्रकार की लापरवाही मिलने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। ईएमएस/मोहने/ 11 जून 2026