सागर (ईएमएस)।वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय गांवों के विस्थापन की प्रक्रिया को गति देने के लिए कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में डीएफओ (वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व) श्री रजनीश सिंह, अपर कलेक्टर श्री अविनाश रावत, भू-अर्जन अधिकारी श्री मुनव्वर खान सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में मुख्य रूप से पर्यटन विकास की अपार संभावनाओं, नियमों के उदारीकरण और विस्थापन प्रक्रिया पर ठोस चर्चा हुई। बैठक में अधिकारियों ने इस बात पर विशेष बल दिया कि वीरांगना रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व में पर्यटन की अपार संभावनाएँ मौजूद हैं। क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को आकर्षित करने के लिए कार्य योजना बनाने पर जोर दिया गया ताकि उसे अधिक व्यावहारिक बनाते हुए क्रियान्वित किया जा सके। पर्यटन के दृष्टिकोण से रिजर्व क्षेत्र के आसपास बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए होटलों की स्थापना की संभावनाओं को तलाशने के निर्देश दिए गए। बैठक का एक अन्य मुख्य एजेंडा रिजर्व क्षेत्र के भीतर आने वाले गांवों का विस्थापन था। कलेक्टर ने विस्थापन कार्य को चरणबद्ध और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। अधिकारियों से पूछा गया कि शेष विस्थापन का कार्य कितने दिनों में पूर्ण कर लिया जाएगा? बैठक में पूर्ण रूप से रिक्त हो चुके गांवों जिनमें ग्रामीणों के किसी अधिकार का समाधान शेष नहीं है, इसी प्रकार ऐसे गांव जो रिक्त तो हो चुके हैं लेकिन उनमें अभी ग्रामीणों के अधिकारों का समाधान शेष है और आंशिक रूप से रिक्त हो चुके गांव, वर्ष 2025 26 में विस्थापन प्रक्रिया में शामिल हुए गांवों की जानकारी दी गई। जिस पर कलेक्टर श्रीमती पाल ने शेष बची परिसंपत्तियों के मूल्यांकन, भुगतान सहित विस्थापन के संबंध में नियमानुसार शीघ्रता से कार्यवाही करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती प्रतिभा पाल ने भू-अर्जन और वन विभाग के अधिकारियों को समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए, ताकि विस्थापित होने वाले ग्रामीणों को मुआवजा और पुनर्वास का लाभ समय पर मिल सके। साथ ही, उन्होंने स्पष्ट किया कि वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने के लिए पर्यटन को बढ़ावा देना शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। निखिल सोधिया/ईएमएस/11/06/2026