क्षेत्रीय
11-Jun-2026
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बालाघाट (ईएमएस). जिले में पेयजल आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने तथा आम नागरिकों को किसी प्रकार की पेयजल समस्या का सामना न करना पड़े, इसके लिए कलेक्टर मृणाल मीना ने गुरुवार 11 जून को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में लोक स्वास्थ्य एवं यांत्रिकी (पीएचई) विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक ली। बैठक में पेयजल व्यवस्थाओं, खराब हैंडपंपों की मरम्मत, जल स्रोतों की स्वच्छता तथा सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों की स्थिति पर गहन चर्चा की गई। समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने सभी अनुविभागीय अधिकारियों (एसडीओ) को निर्देशित किया कि जिले में जहां कहीं भी हैंडपंप खराब अवस्था में हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर तत्काल सुधरवाया जाए। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी के दौरान पेयजल की उपलब्धता नागरिकों की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र का भ्रमण कर वास्तविक स्थिति का आकलन करने तथा समस्याओं का मौके पर ही समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर मीना ने कहा कि केवल जल उपलब्ध कराना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी हैंडपंपों, कुओं एवं अन्य जल स्रोतों के आसपास नियमित साफ-सफाई कराई जाए ताकि गंदगी और दूषित वातावरण के कारण किसी भी प्रकार की जलजनित बीमारी फैलने की आशंका न रहे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। समीक्षा के दौरान सीएम हेल्पलाइन में दर्ज पेयजल संबंधी शिकायतों पर विशेष ध्यान दिया गया। कलेक्टर श्री मीना ने पीएचई विभाग के कार्यपालन यंत्री को निर्देशित किया कि सभी लंबित शिकायतों का समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शिकायतों के निराकरण में लापरवाही या अनावश्यक विलंब पाया गया तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी एसडीओ को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में प्राप्त जन शिकायतों की नियमित निगरानी करें और यह सुनिश्चित करें कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। कलेक्टर ने कहा कि जिन तहसीलों में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतें लंबित पाई जाएंगी, वहां संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे संवेदनशीलता, जवाबदेही और तत्परता के साथ कार्य करते हुए जिले में पेयजल व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने का काम करें, ताकि प्रत्येक नागरिक को समय पर स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके और किसी भी क्षेत्र में जल संकट की स्थिति उत्पन्न न हो। भानेश साकुरे / 11 जून 2026