राज्य
12-Jun-2026
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हर साल डूबता है गुरंदी, फिर भी नहीं चेता प्रशासन जबलपुर, (ईएमएस)। शहर को जलभराव मुक्त बनाने और नाला-नालियों की सफाई के लाखों रुपये खर्च करने के दावों के बीच गुरंदी मछली मार्केट, गलगला और गल्ला मंडी क्षेत्र की जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। यहां नालों में जमा गाद, कचरा और अव्यवस्थित जल निकासी व्यवस्था यह संकेत दे रही है कि पहली तेज बारिश के साथ ही पूरा इलाका जलमग्न हो सकता है। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि गुरंदी बाजार वर्षों से जलभराव की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। हर मानसून में सडक़ें तालाब में तब्दील हो जाती हैं। दुकानों में पानी घुस जाता है और लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। इसके बावजूद नगर निगम की ओर से न तो स्थायी समाधान किया गया और न ही इस वर्ष कोई विशेष तैयारी दिखाई दे रही है। व्यापारियों का आरोप है कि सफाई अभियान केवल फोटो सेशन और कागजी रिपोर्टों तक सीमित रह गया है। जिन नालों की सफाई समय रहते होनी चाहिए थी, वे आज भी गाद और कचरे से भरे पड़े हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि हालात ऐसे ही रहे तो इस बार भी गुरंदी बाजार को जलप्रलय जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। नागरिकों ने सवाल उठाया है कि जब हर वर्ष यही समस्या सामने आती है, तो आखिर नगर निगम क्यों नहीं जागता..? करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था चरमराई हुई है। लोगों का कहना है कि प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा हर बार व्यापारियों और आम जनता को ही भुगतना पड़ता है। क्षेत्रवासियों ने दी चेतावनी ... मानसून दस्तक देने वाला है, लेकिन गुरंदी बाजार के हालात देखकर ऐसा लगता है कि प्रशासन किसी बड़ी परेशानी का इंतजार कर रहा है। क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि तत्काल नालों की सफाई और जल निकासी के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए, तो पहली ही मूसलाधार बारिश नगर निगम की तैयारियों की वास्तविकता उजागर कर देगी। सुनील साहू / मोनिका / 12 जून 2026/ 01.30