नई दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय निशानेबाजी के प्रसिद्ध कोच जसपाल राणा ने राजनीति में भी अपनी किस्मत आजमाई थी। 2006 एशियाई खेलों के तुरंत बाद वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए और 2009 के लोकसभा चुनाव में उत्तराखंड की टिहरी सीट से चुनाव लड़ा। हालांकि, उन्हें कांग्रेस उम्मीदवार विजय बहुगुणा के हाथों हार का सामना करना पड़ा। 2012 में भाजपा से विधानसभा टिकट न मिलने के बाद राणा ने कांग्रेस का दामन थाम लिया। कांग्रेस में शामिल होने के बाद जसपाल राणा को 2012 के उत्तराखंड विधानसभा चुनावों में पार्टी का स्टार प्रचारक बनाया गया। हरीश रावत के नेतृत्व वाली सरकार में उन्हें एक छोटी भूमिका भी सौंपी गई। 2017 के विधानसभा चुनावों के दौरान भी उन्होंने पार्टी के लिए प्रचार कार्य जारी रखा। हालांकि, सक्रिय राजनीति से दूरी बनाते हुए वे बाद में खेल और प्रशिक्षण की ओर लौट आए। एक दशक से अधिक समय तक जसपाल राणा ने भारतीय निशानेबाजी की नई पीढ़ी को तराशने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके मार्गदर्शन में कई प्रतिभाशाली निशानेबाज अंतरराष्ट्रीय पटल पर चमके। खासतौर पर मनु भाकर, सौरभ चौधरी और अनीश भानवाला जैसे खिलाड़ियों ने उनके कोचिंग में बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए अनेक अंतरराष्ट्रीय पदक जीते। भारतीय निशानेबाजी में प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें निखारने वाले सबसे सफल कोचों में जसपाल राणा का नाम प्रमुखता से लिया जाता है। उनकी कोचिंग शैली और अनुभव ने न सिर्फ व्यक्तिगत खिलाड़ियों को बेहतर बनाया, बल्कि देश की निशानेबाजी व्यवस्था को भी नई दिशा दी। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ ईएमएस/12/जून/2026