क्षेत्रीय
12-Jun-2026
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1.20 लाख शिक्षकों ने जुटाए 2.92 करोड़ रुपए, 11 दिवंगत शिक्षक परिवारों को मिली सीधी आर्थिक सहायता शुजालपुर (ईएमएस)। सेवा, संवेदना और संगठनात्मक एकजुटता का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत करते हुए प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक संघ ने प्रदेशभर में संचालित मदद की दुनिया मुहिम के तहत एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। संघ के माध्यम से प्रदेश के 1 लाख 20 हजार से अधिक शिक्षकों ने मिलकर अब तक 11 दिवंगत शिक्षक साथियों के परिवारों को 2 करोड़ 92 लाख 30 हजार 840 रुपए की सीधी आर्थिक सहायता प्रदान की है। संघ की इस पहल की विशेषता इसकी पारदर्शी व्यवस्था है। इसमें न तो कोई केंद्रीय कोष बनाया जाता है और न ही किसी प्रकार का बिचौलिया शामिल होता है। प्रत्येक शिक्षक अपने स्तर पर 40 से 100 रुपए तक की सहयोग राशि सीधे संबंधित परिवार के बैंक खाते में ऑनलाइन स्थानांतरित करता है। शिक्षकों की संख्या बढ़ने के साथ व्यक्तिगत योगदान राशि कम हुई, लेकिन सामूहिक सहयोग की ताकत ने सहायता राशि को लाखों रुपए तक पहुंचा दिया। संघ के पदाधिकारियों के अनुसार हाल ही में मात्र सात दिनों के भीतर 42 हजार 205 ऑनलाइन ट्रांजैक्शन अपलोड कर चार दिवंगत शिक्षक परिवारों के लिए 75 लाख 96 हजार 900 रुपए की सहायता जुटाई गई, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है। मुहिम के अंतर्गत अब तक स्वर्गीय चंद्रप्रकाश जोशी, श्यामकिशोर सोनी, कृष्णकुमार कराडे, अमित असाटी, दिलीप सिंह लोधी, विशुन प्रसाद लढ़िया, अखिलेश, रेशम अलोने, कमलेश श्रीवास्तव, राजकुमार सिरोलिया एवं महिंद्र सुर्यश के आश्रित परिवारों को सम्मानजनक आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में उपलब्ध कराई जा चुकी है। इनमें स्वर्गीय दिलीप सिंह लोधी के परिवार को सर्वाधिक 40 लाख रुपए की सहायता प्रदान की गई। संभाग प्रभारी मनोहर सिंह यादव, शाजापुर जिला प्रतिनिधि नरेन्द्र राजपूत एवं आईटी सेल प्रभारी इन्दर नाथ ने बताया कि वर्ष 2025 में शुरू हुई यह मुहिम आज एक जनआंदोलन का स्वरूप ले चुकी है। उनका कहना है कि यह केवल आर्थिक सहयोग का अभियान नहीं, बल्कि हजारों शिक्षकों की संवेदनाओं और दिवंगत साथियों के परिवारों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि का प्रतीक है। इस अभिनव पहल की शुजालपुर सहित पूरे मालवा अंचल एवं प्रदेशभर में व्यापक सराहना हो रही है। सामाजिक और शैक्षणिक क्षेत्र से जुड़े लोग इसे शिक्षक समाज की एकता, सहयोग और मानवीय मूल्यों का उत्कृष्ट उदाहरण मान रहे हैं। कमल पुष्पद, 12 जून, 2026