राष्ट्रीय
12-Jun-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने कर्नाटक स्थित मोगावीरा को-ऑपरेटिव बैंक पर छह महीने के लिए कई नियामकीय प्रतिबंध लगा दिए हैं। केंद्रीय बैंक ने बैंक की वित्तीय स्थिति और निगरानी संबंधी चिंताओं को देखते हुए यह कदम उठाया है। इन प्रतिबंधों का उद्देश्य जमाकर्ताओं के हितों की रक्षा करना और बैंकिंग व्यवस्था में स्थिरता बनाए रखना बताया गया है। आरबीआई के निर्देशों के तहत बैंक बिना पूर्व अनुमति के नए ऋण नहीं दे सकेगा, नई जमा राशि स्वीकार नहीं कर सकेगा और न ही कोई बड़ा वित्तीय दायित्व ले सकेगा। बैंक की कई सामान्य बैंकिंग गतिविधियों पर भी निगरानी और नियंत्रण रखा जाएगा। हालांकि, आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि इन प्रतिबंधों का अर्थ बैंक का लाइसेंस रद्द होना नहीं है। बैंक अपनी सीमित बैंकिंग सेवाएं जारी रख सकेगा और ग्राहकों के हितों की सुरक्षा के लिए नियामक लगातार स्थिति की समीक्षा करता रहेगा। आरबीआई समय-समय पर उन सहकारी बैंकों पर इस तरह की कार्रवाई करता है जिनकी वित्तीय स्थिति, तरलता या नियामकीय अनुपालन को लेकर चिंता होती है। ऐसे मामलों में केंद्रीय बैंक का उद्देश्य बैंक को सुधार का अवसर देना और जमाकर्ताओं के धन की सुरक्षा सुनिश्चित करना होता है। बैंक के ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे आरबीआई और बैंक प्रबंधन द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर नजर रखें। आगामी छह महीनों के दौरान बैंक की स्थिति की समीक्षा के बाद आरबीआई आगे की कार्रवाई या राहत संबंधी निर्णय ले सकता है। सुबोध/१२-०६-२०२६