:: स्टेट प्रेस क्लब के रूबरू कार्यक्रम में बोले जर्मन राजनयिक - निवेश और तकनीक के लिए एमपी में अपार संभावनाएं :: इंदौर (ईएमएस)। भारत और जर्मनी के बीच बढ़ते रणनीतिक संबंधों के बीच जर्मनी संघीय गणराज्य के कांसुल जनरल क्रिस्टोफ हेलियर तीन दिवसीय मध्य प्रदेश दौरे पर रहे। अपनी इस यात्रा के दौरान उन्होंने इंदौर, पीथमपुर और भोपाल में सरकार के प्रतिनिधियों, उद्योगपतियों, शिक्षाविदों और जर्मनी के पूर्व छात्र (अल्युमनाई) नेटवर्क के सदस्यों से मुलाकात की। दौरे के अंतिम चरण में हेलियर ने इंदौर के स्टेट प्रेस क्लब, म.प्र. द्वारा आयोजित रूबरू कार्यक्रम में पत्रकारों से चर्चा करते हुए मध्य प्रदेश और जर्मनी के साझा भविष्य पर विस्तार से बात की। कांसुल जनरल ने बताया कि उनका यह दौरा भारत-जर्मनी संबंधों के एक बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव पर हुआ है। इस वर्ष की शुरुआत में ही जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ ने भारत का दौरा किया था, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ व्यापार, निवेश, ग्रीन टेक्नोलॉजी (हरित तकनीक), नवाचार, विज्ञान और दोनों देशों के नागरिकों के बीच आपसी संपर्क (पीपल-टू-पीपल एक्सचेंज) को बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता जताई थी। :: व्यावसायिक रिश्तों और निवेश को मिलेगी रफ्तार :: हेलियर के इस दौरे का मुख्य केंद्र जर्मनी और मध्य प्रदेश के बीच आर्थिक सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाना रहा। उन्होंने पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र और भोपाल में व्यावसायिक संबंधों को मजबूत करने, निवेश को सुगम बनाने तथा पारस्परिक हित के नए क्षेत्रों की पहचान करने पर जोर दिया। गौरतलब है कि भारत और जर्मनी इस वर्ष अपने राजनयिक संबंधों की 75वीं वर्षगांठ मना रहे हैं। वर्ष 1951 में स्थापित हुए इन संबंधों के बाद आज जर्मनी पूरे यूरोप में भारत का सबसे बड़ा और विश्वसनीय भागीदार बनकर उभरा है। :: दोनों देशों के बीच पुल का काम कर रहा अल्युमनाई नेटवर्क :: चर्चा के दौरान हेलियर ने व्यक्तिगत और संस्थागत संबंधों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मजबूत साझेदारियां केवल सरकारी और व्यावसायिक स्तर पर ही नहीं, बल्कि सामाजिक और शैक्षणिक आदान-प्रदान से बनती हैं। उन्होंने मध्य प्रदेश में सक्रिय जर्मन अल्युमनाई नेटवर्क की सराहना करते हुए कहा कि ये नेटवर्क दोनों देशों के बीच शैक्षणिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने में एक मजबूत पुल के रूप में कार्य कर रहे हैं। :: मध्य प्रदेश की औद्योगिक महत्वाकांक्षाओं से प्रभावित :: अपने दौरे का सार बताते हुए जर्मन राजनयिक ने कहा कि मध्य प्रदेश में गहरे भारत-जर्मनी सहयोग के लिए अद्भुत क्षमताएं मौजूद हैं। हम राज्य के आर्थिक विकास, औद्योगिक महत्वाकांक्षाओं और अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियों के प्रति यहां के खुलेपन से बेहद उत्साहित हैं। जर्मनी आने वाले वर्षों में मध्य प्रदेश के साथ अपने औद्योगिक और तकनीकी जुड़ाव को और विस्तार देने के लिए पूरी तरह उत्सुक है। उन्होंने इंदौर में मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार जताते हुए भविष्य में बार-बार मध्य प्रदेश आने की इच्छा व्यक्त की। इससे पूर्व कार्यक्रम के प्रारंभ में अतिथियों का स्वागत प्रवीण खारीवाल, कमल कस्तूरी, हर्षवर्धन प्रकाश एवं समीर खान ने किया। कांसुल जनरल को स्मृति चिह्न नवनीत शुक्ल, प्रो. आर.के. जैन, रचना जौहरी एवं ऋतु साहू ने भेंट किया। कार्यक्रम का सफल संचालन पंकज क्षीरसागर ने किया। प्रकाश/12 जून 2026