नई दिल्ली (ईएमएस)। बाल लिवर प्रत्यारोपण (पीडियाट्रिक लिवर ट्रांसप्लांट) में वैश्विक स्तर पर देश की विशेषज्ञता का उदाहरण पेश करते हुए दिल्ली के अपोलो अस्पताल में त्रिनिदाद और टोबैगो से आए सात माह के शिशु एरिक रामसूक का सफल लिवर प्रत्यारोपण किया गया। प्रत्यारोपण के समय एरिक का वजन चार किलोग्राम से भी कम था और वह एक अत्यंत दुर्लभ आनुवंशिक लिवर रोग के कारण जीवन-मृत्यु के संघर्ष से गुजर रहा था। अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार एरिक के परिवार की जड़ें उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले से जुड़ी हैं। लगभग 175 वर्ष पहले उनके पूर्वज भारत से कैरेबियाई देश त्रिनिदाद और टोबैगो गए थे। जब त्रिनिदाद और टोबैगो में उपचार की संभावनाएं सीमित हो गईं तो एरिक का परिवार उसे लेकर दिल्ली पहुंचा, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों ने बच्चे को नई जिंदगी दे दी। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/13/ जून /2026