नई दिल्ली (ईएमएस)। डबल इंजन की सरकार बनने के बाद दिल्ली के विकास को गति मिलने के साथ ही नागरिक समस्याओं का समाधान हो रहा है। पूर्व में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिए जाने से यहां कि सड़कों पर वाहनों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। पूरी दिल्ली में न तो मेट्रो की समुचित कनेक्टिविटी है और न ही पर्याप्त संख्या में बसें उपलब्ध हैं। आवश्यकता 11 हजार से अधिक बसों की है, जबकि वर्तमान में लगभग छह हजार बसें ही उपलब्ध हैं। इसके समाधान के लिए मेट्रो परियोजनाओं में तेजी लाने के साथ ही केंद्र सरकार के सहयोग से अगले दो वर्षों में छह हजार से अधिक इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का कहना है कि पूर्ववर्ती सरकारों ने दिल्ली की अनदेखी की। नरेंद्र मोदी सरकार ने फेम योजना के अंतर्गत दिल्ली को अब तक 4,550 इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराई हैं। पीएम ई-ड्राइव योजना के तहत दिल्ली को 6,130 बसें मिलेंगी। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/13/ जून /2026