राज्य
13-Jun-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। केंद्र सरकार के नए नियमों के तहत अब खुदरा पंपों से प्रतिदिन 200 लीटर से अधिक डीजल उपभोक्ता नहीं खरीद पाएंगे। इससे नोएडा की हाईराइज सोसाइटियों की चिंता बढ़ गई है। बिजली कटौती के दौरान डीजी सेट चलाने के लिए उन्हें अब महंगा कमर्शियल डीजल खरीदना पड़ेगा, जिससे निवासियों पर पावर बैकअप और मेंटेनेंस शुल्क का बोझ बढ़ सकता है। केंद्र सरकार द्वारा डीजल खरीद को लेकर जारी किए गए नए नियमों ने औद्योगिक इकाइयों के साथ-साथ नोएडा, ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की हाईराइज सोसाइटियों की भी चिंता बढ़ा दी है। नए आदेश के अनुसार अब खुदरा पेट्रोल पंपों से कोई भी उपभोक्ता एक दिन में अधिकतम 200 लीटर डीजल ही खरीद सकेगा। अभी यह व्यवस्था 90 दिनों के लिए लागू की गई है। गौतम बुद्ध नगर में 400 से अधिक हाईराइज सोसाइटियां हैं, जहां बिजली कटौती के दौरान बैकअप के लिए बड़े डीजी सेट (डीजल जनरेटर) लगाए गए हैं। इन जनरेटरों को संचालित करने के लिए प्रतिदिन बड़ी मात्रा में डीजल की आवश्यकता होती है। ऐसे में नए नियम लागू होने के बाद बिल्डरों और अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन (एओए) की चिंता बढ़ गई है। सोसाइटी प्रबंधन से जुड़े लोगों का कहना है कि बड़ी आवासीय परियोजनाओं में लंबे समय तक बिजली कटौती होने पर जनरेटर लगातार चलाने पड़ते हैं। अब डीजल खरीद की सीमा तय होने से बैकअप व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। यदि सोसाइटियों को खुदरा पेट्रोल पंपों की बजाय महंगा कमर्शियल डीजल खरीदना पड़ा तो जनरेटर संचालन की लागत में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। इसका सीधा असर निवासियों पर पड़ेगा और पावर बैकअप शुल्क व मेंटेनेंस चार्ज भी बढ़ सकते हैं। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/13/ जून /2026