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14-Jun-2026
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-विटुमेन के दामों में 40 से 50 फीसदी इजाफे के चलते रिपेयर नहीं हो पा रही कई किमी की सड़कें नई दिल्ली,(ईएमएस)। ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच तनाव के चलते कच्चे तेल और माल ढुलाई की लागत बढ़ने के चलते दिल्ली में विटुमेन के दामों में करीब 40 से 50 फीसदी इजाफा हुआ है। इसके चलते दिल्ली की 68.6 फीसदी 961 किमी सड़कें लंबे समय से जर्जर हैं। सरकार ने सीआरआईएफ के तहत 300 किमी लंबी 153 बनी सड़कों की मरम्मत करने की योजना बनाई है। पिछले साल टेंडर भी हो चुका था लेकिन बिटुमेन में दामों में उछाल के चलते सड़कें रिपेयर नहीं हो पाई। पीडब्ल्यूडी की 1400 किमी लंबी सड़कों में से 961 किमी लंबी सड़कों की मरम्मत इसके चलते पिछले साल से नहीं हो रही है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक 283 किमी लंबी सड़कों की रिपेयरिंग के लिए पीडब्ल्यूडी ने जीन वाइज टेंडर किया गया था। इन सड़कों की रिपेयरिंग मार्च 2027 तक पूरी करनी थी, लेकिन बिटुमेन के दाम बढ़ने के चलते बीच में ही काम रुक गया है। 20 किमी लंबी ऐसी सड़कें हैं, जिनका मेंटिनेंस पीरियड पांच साल से कम है लेकिन इनकी हालत बेहद जर्जर है। इन सड़कों की भी रिपेयरिंग नहीं हो पा रही है। 258 किमी लबी सड़कों को माइको सर्वोसिग करनी थी, लेकिन बिटुमेन महंगा होने से उनका काम भी नहीं हो पा रहा है। पीडब्ल्यूडी की 1400 किमी लंबी सड़कों में से 961 किमी लबी सड़कों की रिपेयरिग कठिन है क्योंकि बिटुमेन महंगा हो गया है। रिपोर्ट के मुताबिक ईरान में जारी युद्ध और महंगे फ्यूल का असर अब पासपोर्ट सेवा में भी दिखाई दे रहा है। गर्मियों की छुट्टियों में पासपोर्ट बनाने के लिए आवेदनों की संख्या में 30 से 40 फीसदी तक की कमी आई है। पिछले सालों में गर्मियों के समय आवेदन दोगुने हो जाते थे। पासपोर्ट सेवा केंद्र, झंडेवालान के एक अधिकारी ने कहा कि पहले 1600 आवेदन हर रोल आते थे, जो गर्मियों में 2500 तक बढ़ जाते थे। अब झंडेवालान ऑफिस में हर रोज 2000 आवेदन आते हैं। पुराने रेकॉर्ड देखे तो इन्हें इस वक्त 3000 के करीब होना चाहिए। रिन्युअल के लिए भी आवेदन आते थे। सिराज/ईएमएस 14जून26