14-Jun-2026
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- गरीब और बैचलर युवकों थे निशाने पर - ब्रेन वॉश के बाद सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी सोच फैलाने का था टास्क भोपाल(ईएमएस)। राजधानी भोपाल के काजी कैंप इलाके से गुरुवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे गिरफ्तार मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह 16 जून तक एटीएस के रिमांड पर चल रहा है। उसे गिरफ्तार करने वाली करीब 12 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम में तीन महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। टीम ने पहले घर को चारों तरफ से घेर लिया, इसके बाद छत के रास्ते अंदर पहुंचकर फराज को हिरासत में लिया। उससे पूछताछ में जांच एजेंसियों को कई चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं। सूत्रों के मुताबिक खालिद के संपर्क में चल रहे पाकिस्तानी हैंडलर्स ने उसे एमपी में स्लीपर सेल का नेटवर्क खड़ा करने का काम सौपां था। इसके बाद उसके निशाने पर गरीब और बैचलर युवक थे, वह उनका ब्रेन वॉश करता। इसके बाद उन्हें सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी सोच फैलाने का टास्क दिया जाता था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि टेलीग्राम-वॉट्सएप ग्रुप्स के जरिए युवाओं को जोड़ने की कोशिश की जा रही थी। इसके लिये फराज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ग्रुप बनाकर सबके संपर्क में रहता था। एटीएस डिजिटल गतिविधियों, विदेशी फंडिंग और पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है। वहीं फराज की निशानदेही पर उसके साथी नईम अब्दुल्ला को यूपी के देवबंद से शनिवार को गिरफ्तार किया गया वह भी रिमांड पर है। नईम ने ही फराज को पाकिस्तान में बैठे हैंडलर से जोड़ने में भूमिका निभाई थी। जानकारी के मुताबिक फराज काजी कैंप इलाके में ही स्थित एक डॉक्टर के क्लीनिक पर करीब 15 साल से कंपाउंडर के रूप में काम कर रहा था। इसके अलावा वह बैटरी रिपेयरिंग का काम भी करता था। कांग्रेस नगर की गली नंबर-2 में ऑक्सफोर्ड स्कूल के सामने फराज अपने माता-पिता, पत्नी और तीन साल की बेटी के साथ रहता था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि उसने देवबंद में रहकर धार्मिक शिक्षा ली थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात सहारनपुर निवासी नईम अब्दुल्ला से हुई थी। नईम के जरिए फराज का संपर्क कथित रूप से विदेशी हैंडलरों से हुआ। एटीएस ने भोपाल कोर्ट को बताया कि फराज का मोबाइल जब्त कर लिया गया है और उसकी फोरेंसिक जांच की जा रही है। जिसमें फराज के संपर्कों, गतिविधियों और कथित फंडिंग नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है। जांच के दौरान यह भी खंगाला जा रहा है कि फराज किन ग्रुपों में सक्रिय था, और किस तरह की सामग्री साझा करता था। एजेंसियां उसके संपर्कों की सूची तैयार कर रही हैं, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके। उसके मोबाइल की सीडीआर भी खंगाली जा रही है। जुनेद / 14 जून