14-Jun-2026
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खरागेन (ईएमएस)। भारती की प्राचीन युद्धकला कलारीपयट्टू के प्रचार-प्रसार और युवाओं में आत्मरक्षा की भावना विकसित करने के उद्देश्य से शहर से गुरुद्वारा साहब में ५ दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का समापन रविवार को समारोहपूर्वक हुआ। आयोजन समिति की जिला सचिव अन्नपूर्णा सिकरवार ने बताया ३५ घंटे के विशेष प्रशिक्षण शिविर में ४० बालक-बालिकाओं ने उत्साह से हिस्सा लिया। यहां कुशल प्रशिक्षकों ने उन्हें तलवार- लाठी एवं पारंपरिक कलरी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया। इस प्रशिक्षण में वार करने के साथ ही ढाल से खुद का बचाव करने के टिप्स भी दिए गए। समापन पर मध्यप्रदेश कलारीपयट्टू संघ के सचिव गजेंद्र सिंह राठौर ने यह युद्ध कला न केवल आत्मरक्षा के लिए बल्कि इसमें कॅरियर की संभावनाएं भी है। सरकार ने इसे खेलो इंडिया, राज्य एवं राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खेल की जगह दी है। आदित्य इंटरनेशनल स्कूल के डायरेक्टर अशोक दीक्षित, पीजी कॉलेज के खेल अधिकारी गगन कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी कानूडे, खेल अधिकारी मिर्जा, हिंदू विश्व परिषद के जिला मंत्री विवेक तोमर ने प्रतिभागियों को प्रमाण.पत्र और तलवारें वितरित की। अतिथियों ने अन्नपूर्णा सिकरवार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में कलारीपयट्टू जैसी प्राचीन भारतीय युद्धकला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सराहनीय कार्य किया जा रहा है। खेलो इंडिया में स्वर्ण पदक जीत चुकी खिलाडिय़ों हर्षिता शुक्ला एवं सुहानी ग्वाल ने भी बालकों का उत्साहवर्धन किया। संचालन योगिता चौहान ने किया।