कथावाचक ने पेश की त्याग की अनूठी मिसाल, दक्षिणा में केवल तुलसी पत्र व पुष्प किए स्वीकार, सम्पूर्ण राशि राम मंदिर निर्माण को की समर्पित कथा वाचक का सम्मान किया गया। शाजापुर (ईएमएस)। अधिक मास के पावन अवसर पर पुलिस लाइन रोड स्थित श्री राम मंदिर में विगत नौ दिनों से बह रही रामकथा की ज्ञान-गंगा का भव्य विश्राम हो गया। इस मौके पर नगर के प्रख्यात कथावाचक पंडित लाल शंकर मेहता ने दान, त्याग और सेवा की महिमा का मार्मिक वर्णन कर उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। पंडित मेहता ने व्यासपीठ से धर्मोपदेश देते हुए कहा कि दान से धन पवित्र होता है और इस संसार में दान से बढ़कर कोई दूसरा पुण्य कर्म नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि दान सदैव अहंकार शून्य होकर देना चाहिए। सेवा के तीन प्रकारों— तन, मन और धन का गहराई से वर्णन करते हुए उन्होंने कहा कि तन से सेवा करने पर व्यक्ति का देहाभिमान (अहंकार) नष्ट होता है। धन से सेवा करने पर माया, ममता और मोह का नाश होता है, जबकि मन से सेवा करने पर सीधे परमात्मा से असीम प्रेम स्थापित होता है। दान की व्यापकता को समझाते हुए पंडित जी ने कहा कि यह धारणा गलत है कि दान केवल धन का ही होता है। कन्यादान, अन्नदान, अभयदान, क्षमादान और विद्यादान जैसे इसके अनेक श्रेष्ठ रूप हैं। अपनी आवश्यकता से अधिक जो भी हो, उसे दूसरों के कल्याणार्थ अर्पित कर देना और संकटग्रस्त प्राणियों की निस्वार्थ भाव से सहायता करना ही वास्तविक दान है। राम मंदिर के लिए समर्पित की दक्षिणा, श्रोता हुए भाव-विभोर कथा के दौरान पंडित मेहता ने राम मंदिर निर्माण के प्रसंग का विस्तार करते हुए श्रोताओं से करबद्ध निवेदन किया कि वे इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर सहयोग करें। इस दौरान उन्होंने मंच से त्याग की एक अनूठी मिसाल पेश की। उन्होंने प्रसन्नतापूर्वक घोषणा की, हमें इस रामकथा से जो भी दक्षिणा प्राप्त होगी, वह सम्पूर्ण राशि राम मंदिर निर्माण के सहयोगार्थ समर्पित की जाएगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से विनम्र आग्रह किया कि वे उन्हें दक्षिणा के रूप में केवल तुलसी पत्र और पुष्प ही भेंट करें। प्रतिदिन रात्रि 8 से 11 बजे तक चलने वाली इस कथा में पंडित जी द्वारा सुनाए गए प्रासंगिक दृष्टांतों और सुमधुर भजनों ने ऐसा समां बांधा कि श्रोता भाव-विभोर होकर पांडाल में झूमने व नृत्य करने लगे। तुलसी दल और पुष्पों से हुआ व्यासपीठ का सम्मान 13 जून को कथा विश्राम के पावन अवसर पर श्री राम मंदिर सार्वजनिक न्यास के अध्यक्ष विवेक दुबे, रामायण मंडल के अध्यक्ष महेश सोनी बबलू, सचिव गोविंद सिंह गौतम, कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश राठौर एवं शहर के अनेक गणमान्य नागरिकों ने व्यासपीठ का ससम्मान पूजन किया। कथावाचक की इच्छानुसार, आयोजन समिति व श्रद्धालुओं ने उन्हें दक्षिणा के स्थान पर केवल तुलसी दल, सुंगंधित पुष्प एवं अभिनंदन पत्र भेंट कर उनका भावपूर्ण स्वागत व सम्मान किया। ईएमएस/राजेश कलजोरिया/ 26 जून 2026