राज्य
15-Jun-2026
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:: माहेश्वरी मांगलिक भवन में ज्ञान यज्ञ का समापन; कृष्ण-सुदामा मैत्री प्रसंग सुन भावविभोर हुए श्रद्धालु, मस्तक पर भागवतजी रख नंगे पैर निकले यजमान :: इंदौर (ईएमएस)। वर्तमान दौर में सनातन धर्म की सुदृढ़ता के लिए समाज को एकजुट होकर अमानवीय प्रवृत्तियों का मुकाबला करना होगा। श्रीमद्भागवत जैसे महान ग्रंथ ही हमें वह आंतरिक विवेक देते हैं, जिससे हम सत्य की प्राण प्रतिष्ठा कर धर्म और संस्कृति के मार्ग पर आगे बढ़ सकें। श्रेष्ठ विचारों से ही श्रेष्ठ कर्मों और आदर्श राष्ट्र का निर्माण संभव है। यह दिव्य आह्वान श्रीधाम वृन्दावन के प्रख्यात भागवताचार्य मनीष भाई ने किया। वे एबी रोड (चिड़ियाघर के सामने) स्थित माहेश्वरी मांगलिक भवन में आयोजित भागवत ज्ञान यज्ञ के समापन प्रसंग पर श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने वर्तमान सामाजिक परिवेश पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज समाज अर्थ प्रधान होता जा रहा है, जिससे आत्मीय रिश्ते गौण हो गए हैं। कंस कोई व्यक्ति नहीं, बल्कि एक अमानवीय प्रवृत्ति है जो आदिकाल से चली आ रही है। ऐसी दुष्ट प्रवृत्तियों के विरुद्ध समाज का संगठित होना ही समय की मुख्य मांग है। इससे पूर्व कथा में आचार्यश्री ने जब कृष्ण-सुदामा की निश्छल मैत्री का प्रसंग सुनाया, तो पंडाल में मौजूद श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। जीवंत झांकी के साथ इस उत्सव को बड़े ही धूमधाम से मनाया गया। कथा विश्राम के अवसर पर आयोजन समिति के राजेंद्र प्रसाद केडिया, राधेश्याम अग्रवाल, सुनील केडिया, प्रवीण कुमार केडिया एवं मनीष अग्रवाल सहित अनेक श्रद्धालुओं ने व्यास पीठ का विधि-विधान से पूजन कर विद्वान वक्ता का अभिनंदन किया। :: भक्तिभाव से ओतप्रोत थी शोभा यात्रा :: पूर्णाहुति के पश्चात भवन परिसर में श्रीमद्भागवत ग्रंथ की भव्य शोभा यात्रा निकाली गई। अगाध श्रद्धा के साथ मुख्य यजमान केडिया दंपत्ति नंगे पैर मस्तक पर भागवतजी को धारण कर चल रहे थे। ढोल-ताशों और भजनों की धुन पर झूमते श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा परिसर धर्ममय हो गया। प्रकाश/15 जून 2026