:: बड़ी कार्रवाई : नोटिस के बाद भी नहीं सुधारी व्यवस्था, आयुक्त के निर्देश पर चल रहा जांच अभियान; अब तक 76 इमारतें बंद :: इंदौर (ईएमएस)। शहर में जनसुरक्षा को ताक पर रखकर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने वाले भवन स्वामियों के खिलाफ इंदौर नगर निगम ने अपना रुख बेहद कड़ा कर लिया है। अग्नि सुरक्षा (फायर सेफ्टी) नियमों की खुलेआम अनदेखी करने वाले पांच और बड़े प्रतिष्ठानों को निगम की टीम ने सोमवार को सील कर दिया। आयुक्त क्षितिज सिंघल के निर्देश पर शहरभर में चल रहे इस विशेष अभियान के तहत निगम अब तक कुल 76 लापरवाह भवनों पर ताला जड़ चुका है। आज हुई इस कार्रवाई के दायरे में निहालपुरा क्षेत्र के दो होटल, एक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स और एक प्रसिद्ध धर्मशाला आई है, जबकि जवाहर मार्ग पर भी एक बड़े कमर्शियल परिसर को सील किया गया है। निगम अधिकारियों के मुताबिक, पिछले दिनों शहर के विभिन्न होटलों, शैक्षणिक संस्थानों, मॉल और व्यावसायिक बहुमंजिला इमारतों का औचक निरीक्षण किया गया था। इस दौरान इन पांचों प्रतिष्ठानों में या तो फायर सेफ्टी के उपकरण ही गायब थे, या जो लगे थे वे पूरी तरह कबाड़ हो चुके थे। इस गंभीर लापरवाही पर संबंधित भवन स्वामियों को वैधानिक नोटिस जारी कर तय समय में व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद जब दोबारा मौका मुआयना किया गया, तो स्थिति जस की तस मिली। प्रशासन की चेतावनी को नजरअंदाज करना इन प्रतिष्ठानों को भारी पड़ा और निगम की रिमूवल तथा राजस्व टीम ने मौके पर पहुंचकर सीलिंग की कार्रवाई को अंजाम दिया। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने इस संबंध में कड़ा रुख अपनाते हुए साफ किया है कि नागरिकों की जान-माल की सुरक्षा से खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नोटिस के बाद भी लापरवाही बरतने वालों पर ऐसी ही सख्त कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। इसके साथ ही निगम प्रशासन ने शहर के सभी संस्था प्रमुखों, मॉल संचालकों और भवन स्वामियों से विशेष अपील की है कि वे केवल औपचारिकता के लिए फायर सिस्टम न लगाएं, बल्कि उन्हें नियमित रूप से चालू हालत में रखें और आपातकालीन निकास द्वारों को खुला रखें, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति में जन-धन की हानि को समय रहते रोका जा सके। प्रकाश/15 जून 2026