:: जल गंगा संवर्धन अभियान : अनुपयोगी बोरवेलों से सीधे पाताल में पहुंचेगा बारिश का पानी, निगमायुक्त ने किया निरीक्षण :: इंदौर (ईएमएस)। शहर में लगातार गिरते भूजल स्तर को सुधारने और वर्षा जल के संरक्षण के लिए इंदौर नगर निगम ने एक अनूठी व वैज्ञानिक पहल शुरू की है। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत निगम शहरभर में फैले अनुपयोगी और बंद पड़े बोरवेलों को रिचार्ज शाफ्ट में तब्दील कर रहा है। इससे बारिश का लाखों लीटर पानी व्यर्थ बहने के बजाय सीधे जमीन के भीतर (भूगर्भ) पहुंचेगा, जिससे आने वाले दिनों में जलस्तर में सुधार होगा। सोमवार को निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने खुद शहर के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर इन निर्माण कार्यों का जायजा लिया। अभियान की जमीनी हकीकत जानने के लिए निगमायुक्त ने कृष्णपुरा छत्री, हरी भाऊ छत्री, राज मोहल्ला उद्यान, डीआरपी लाइन और देवास नाका लोहा मंडी क्षेत्र का सघन निरीक्षण किया। मौके पर चल रहे कार्यों को देखते हुए उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को तकनीकी बारीकियों का ध्यान रखने और समय सीमा में काम पूरा करने के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। :: कचरा रोकने के लिए किए विशेष इंतजाम :: अधिकारियों के मुताबिक, अनुपयोगी बोरवेल को सीधे रिचार्ज शाफ्ट में बदलने से पहले सुरक्षा और स्वच्छता मानकों का ध्यान रखा जा रहा है। बारिश के पानी के साथ आने वाले कचरे, मिट्टी या गाद को रोकने के लिए बोरवेल के चारों ओर विशेष फिल्टर और जालीदार चैंबर बनाए जा रहे हैं। इससे केवल साफ पानी ही फिल्टर होकर जमीन के अंदर जाएगा, जिससे भूजल प्रदूषित नहीं होगा। :: शहरभर में चल रहा सर्वे, बढ़ेगी संख्या :: निगम प्रशासन ने बताया कि शुरुआती चरण के बाद अब शहर के अन्य सभी वार्डों और सार्वजनिक स्थलों पर ऐसे अनुपयोगी बोरवेलों का सर्वे कराया जा रहा है जो लंबे समय से सूखे या बंद पड़े हैं। चिन्हित होते ही इन्हें भी जल्द ही रिचार्ज शाफ्ट के रूप में विकसित किया जाएगा। निगम ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपने निजी परिसरों में बने बंद बोरवेलों को इस तकनीक से जोड़कर जल संरक्षण में अपना योगदान दें। प्रकाश/15 जून 2026