कल्याण, (ईएमएस)। कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) की महासभा में भाजपा नगरसेवक दीपेश म्हात्रे द्वारा उठाए गए एक महत्वपूर्ण जनहित के मुद्दे को मंजूरी मिल गई है। महासभा ने नोटरी पद्धति से खरीदे-बेचे गए घरों के संपत्ति कर (प्रॉपर्टी टैक्स) रिकॉर्ड में नामांतरण की अनुमति देने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस निर्णय से शहर के लाखों नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। दरअसल शहर की अनेक पुरानी बस्तियों, चॉलों और आवासीय क्षेत्रों में वर्षों से नोटरी पद्धति के माध्यम से घरों की खरीद-बिक्री होती रही है। हालांकि, ऐसे मामलों में संपत्ति कर की नोंद अक्सर पुराने मालिकों के नाम पर ही बनी रहती थी। इसके कारण वास्तविक मालिकों को विभिन्न शासकीय और प्रशासनिक कार्यों के दौरान अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ता था। महासभा में इस विषय को उठाते हुए भाजपा नगरसेवक दीपेश म्हात्रे ने कहा कि वास्तविक घर मालिकों को उनके नाम पर संपत्ति कर रिकॉर्ड हस्तांतरित करने की अनुमति दी जानी चाहिए। उन्होंने बताया कि वर्तमान व्यवस्था के कारण नागरिकों को संपत्ति संबंधी दस्तावेजों, सरकारी योजनाओं और अन्य प्रशासनिक कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। म्हात्रे ने यह भी स्पष्ट किया कि नामांतरण की प्रक्रिया शुरू होने से महापालिका को भी लाभ होगा। संपत्ति के वास्तविक मालिकों की जानकारी उपलब्ध होने से कर विभाग को बकाया कर वसूली में आसानी होगी और राजस्व संग्रहण अधिक प्रभावी बन सकेगा। साथ ही, कर प्रशासन में पारदर्शिता और कार्यक्षमता भी बढ़ेगी। महासभा द्वारा प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद अब नोटरी पद्धति से खरीदी गई संपत्तियों के वास्तविक मालिक अपने नाम पर संपत्ति कर रिकॉर्ड दर्ज करा सकेंगे। इससे वर्षों से लंबित एक बड़ी समस्या का समाधान होने जा रहा है। इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए नगरसेवक दीपेश म्हात्रे ने कहा कि यह निर्णय पूरी तरह से आम नागरिकों के हित में है। लंबे समय से लोग इस समस्या से जूझ रहे थे और अब उन्हें अपनी संपत्ति का रिकॉर्ड आधिकारिक रूप से अपने नाम पर दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस कदम से नागरिकों के साथ-साथ महानगरपालिका की राजस्व व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। - १६ जून/२०२६/ईएमएस