- समिति द्वारा लिए गए आवश्यक निर्णय ग्वालियर ( ईएमएस ) | मुरार नदी से संबंधित जनहित याचिका डब्ल्यूपी के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा गठित दस सदस्यीय समिति की चौथी बैठक आज निगम अधिकारियों के साथ बाल भवन में आयोजित की गई। बैठक में मुरार नदी से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई। बाल भवन के टीएलसी में आयोजित समीक्षा बैठक में नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय, अतिरिक्त महाधिवक्ता अंकुर मोदी, एडवोकेट संजय के द्विवेदी, योगेश चतुर्वेदी, सेवानिवृत गिर्राज गोयल, अपर आयुक्त प्रदीप तोमर, एसई डब्ल्यूआरडी हेमंत खरे, एसई पीएचई एसएल बाथम, विधि अधिकारी श्री अनूप लिटोरिया, मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डॉ वैभव श्रीवास्तव, कार्यपालन यंत्री श्री महेंद्र प्रसाद अग्रवाल सहित अन्य संबंधित समिति सदस्य एवं अधिकारी उपस्थित रहे। माननीय उच्च न्यायालय द्वारा मुरार नदी पीआईएल की सुनवाई में दिए गए निर्देश के परिपालन में मुरार नदी के कायाकल्प और जीर्णाेद्धार कार्य को गति देने के लिए मंे न्यायालय द्वारा गठित दल के सदस्यों द्वारा निरंतर समीक्षा की जा रही है। जिससे मुरार नदी के जीर्णाेद्धार एवं सौंदर्यीकरण के कार्य की प्रगति की समीक्षा करने के साथ ही आ रही बाधाओं को दूर करने के लिए रणनीति बनाई गई। बैठक में जानकारी दी गई कि मुरार नदी के जीर्णाेद्धार प्रोजेक्ट के तहत रमऊआ डैम से लेकर जड़ेरुआ तक नदी के किनारे पाथवे (पैदल मार्ग), फेंसिंग और कर्व स्टोन लगाने जैसे सौंदर्यीकरण के कार्य किए जाने हैं। जिसमें प्रथम स्ट्रेज का कार्य कर लिया गया है तथा स्ट्रेज 01 के आगे कार्य करने में कोई बाधा नहीं है जबकि स्ट्रेज-2 मंे जहां कार्य करने में बाधा आ रही है। इसे स्ट्रेज-1 के आगे शिफ्ट किया जाए। जिससे नदी के सौंदर्यीकरण के कार्य तेजी से किया जा सके। इसके साथ ही वेंडर द्वारा स्थान के सीमांकन को लेकर बात कही गई। जिसको लेकर निगमायुक्त श्री संघ प्रिय ने अपर आयुक्त श्री प्रदीप तोमर को निर्देशित किया कि जहां जहां स्थल की समस्या है उसे जाकर क्लीयर करायें और सीमा चिन्ह जगायें जिससे वेंडर द्वारा कार्य किया जा सके। इसके साथ ही अन्य बिंदुओं पर चर्चा की गई।