ममता के करीबी पूर्व महापौर फरहाद हकीम भी रहे मौजूद कोलकाता,(ईएमएस)। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक उथल-पुथल के बीच नया मोड़ तब आया, जब मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के पहले आधिकारिक दौरे पर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की भाभी कजरी बनर्जी ने उनका मुस्कुरकार स्वागत किया। यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) अपने सबसे बड़े आंतरिक संकट से परेशान है। पार्टी के करीब 20 सांसदों ने बगावत कर नेशनलिस्ट सिटिजन पार्टी ऑफ इंडिया (एनसीपीआई) नामक नया दल बनाया है और केंद्र में भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए को समर्थन देने की घोषणा की है। केएमसी के कार्यक्रम में कजरी के अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण चेहरे भी मौजूद थे। इनमें निकाय की पूर्व अध्यक्ष और कोलकाता दक्षिण से तृणमूल सांसद माला रॉय भी शामिल थीं, जो अब एनडीए का समर्थन कर रहे विद्रोही सांसदों में से हैं। तृणमूल विधायक और कोलकाता के पूर्व महापौर फरहाद हकीम भी उपस्थित थे। हकीम के इस्तीफे के कारण ही तृणमूल नियंत्रित बोर्ड भंग हो गया था, जिसके बाद 9 जून को राज्य सरकार ने प्रशासक नियुक्त किया था। शुभेंदु के साथ मंच पर रॉय और हकीम सहित पिछली बोर्ड के कई नेता मौजूद थे। भाजपा के पूर्व पार्षद सभागार में दूसरी तरफ बैठे थे। केएमसी के वार्ड संख्या 73 की पूर्व पार्षद कजरी ने बताया कि उन्हें नागरिक मुद्दों और विकास योजनाओं पर चर्चा के लिए आमंत्रित किया था। उन्होंने कहा, पार्षद के तौर पर हमारा जो भी कार्यकाल बचा है, उसके लिए हमें बुलाया गया है ताकि विकास कार्य सुचारु रूप से जारी रह सकें। यह अच्छी बात है कि मुख्यमंत्री सुवेंदु ने विपक्ष के सदस्यों को भी बुलाया है। हालांकि, जब उनसे केंद्रीय एजेंसियों द्वारा तृणमूल के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी को बार-बार समन भेजे जाने के बारे में पूछा गया, तब उन्होंने मुस्कुराते हुए टिप्पणी करने से इंकार किया। कजरी के अलावा, पूर्व पार्षद देबाशीष कुमार, अनन्या बनर्जी, जुई विश्वास और असीम बोस कार्यक्रम में शामिल थे। इन नेताओं ने अपनी भागीदारी का मकसद नागरिक सेवाओं में निरंतरता बनाए रखना बताया, न कि किसी राजनीतिक बदलाव का संकेत देना। लेकिन, माला रॉय की मौजूदगी, जो अब विद्रोही गुट का हिस्सा हैं और एनडीए का समर्थन कर रही हैं, ने इस मुलाकात के राजनीतिक महत्व को और बढ़ा दिया है। आशीष दुबे / 16 जून 2026