16-Jun-2026


भोपाल (ईएमएस) । प्रदेश में सरकारी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य सेवाओं के निजीकरण को लेकर मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मोहन यादव एक काम में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से भी आगे निकल गए हैं और वह है स्वास्थ्य विभाग के पूरे सिस्टम को बेचने का काम। पटवारी ने कहा कि पहले सरकार ने जिला अस्पतालों को एक तरह से 30 वर्षों के लिए निजी हाथों में सौंप दिया और इसके बदले पैसे लिए, लेकिन इससे न तो सरकार को कोई लाभ हुआ और न ही स्वास्थ्य विभाग एवं आम जनता को कोई फायदा मिला। उन्होंने कहा कि अब सरकार ने तीन जिलों के स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को पीपीपी मॉडल के तहत निजी हाथों में देने की शुरुआत कर दी है। इसका सीधा मतलब है कि स्वास्थ्य सेवाएं और महंगी होंगी तथा गरीब आदमी की पहुंच से इलाज और दूर चला जाएगा। उन्होंने कहा कि आज निजी अस्पतालों में एक सामान्य बुखार के इलाज पर भी हजारों रुपये खर्च करने पड़ते हैं। एक लाड़ली बहना को सिर्फ बुखार उतरवाने में ही अपनी कई महीनों की आर्थिक सहायता खर्च करनी पड़ सकती है। आज 15 हजार रुपये से कम में इलाज नहीं हो रहा, क्योंकि व्यवस्था को निजी हाथों में सौंप दिया गया है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि मोहन यादव जी को प्रदेश बेचने में मजा आता है, कर्ज लेने में मजा आता है, फिजूल खर्ची करने में मजा आता है और विपक्ष के नेताओं को गाली देने में मजा आता है। ऐसा मुख्यमंत्री प्रदेश को मिला है जिसे प्रदेश के मूल मुद्दों और जनता की भावनाओं का एहसास ही नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि यही स्थिति रही तो प्रदेश बिकेगा, स्वास्थ्य विभाग बिकेगा और स्वास्थ्य केंद्र बिकेंगे। कांग्रेस पार्टी लगातार इस नीति का विरोध कर रही है और आगे भी हर स्तर पर इसका विरोध जारी रखेगी। पटवारी ने कहा कि प्रदेश की आम जनता को यह एहसास होना बहुत जरूरी है कि प्रदेश को बेचने वाली सोच रखने वाले लोगों के हाथों में सरकार है। कांग्रेस जनता के बीच जाकर इस जनविरोधी नीति के खिलाफ संघर्ष करेगी। आशीष पाराशर