राज्य
21-Dec-2025
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नोटों का कागज बनाने वाली सिक्योरिटी पेपर मिल में मेडिकल क्लेम घोटाला भोपाल(ईएमएस)। भारतीय मुद्रा के कागज का निर्माण करने वाली संवेदनशील इकाई सिक्योरिटी पेपर मिल में मेडिकल क्लेम घोटाले का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मामले में सीबीआई ने शनिवार को देश के कई शहरो में दर्जन भर ठिकानो पर एक साथ छापामार कार्रवाई की है। रेड के दौरान जांच एजेंसी ने अहम दस्तावेज जप्त करने के साथ ही घोटाले में शामिल संदेहियो से भी घंटों तक पूछताछ भी की। जानकारी के अनुसार सीबीआई की जॉच का दायरा एमपी से लेकर महाराष्ट्र तक रहा। एजेंसी की अलग-अलग टीमों ने भोपाल, इंदौर, देवास और नर्मदापुरम के साथ-साथ महाराष्ट्र के नासिक में एक साथ संदिग्ध ठिकानों छापेमारी की। पड़ताल के दौरान फाइलों, बिलों तथा डिजिटल रिकॉर्ड को खंगाला गया। सूत्रों के अनुसार, छापेमारी के दौरान टीमो ने अनेक जरुरी दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस जप्त किये हैं। सूत्रो का कहना है कि घोटाले में सिक्योरिटी पेपर मिल से जुड़े कई अधिकारी और कर्मचारी जांच एजेंसी की राडार पर हैं। इनके अलावा थोक दवा सप्लायर, निजी केमिस्ट और मेडिकल क्लेम से जुड़े फील्ड स्टाफ की भूमिका भी संदिग्ध मानी जा रही है। - यह है मामला जानकारी के मुताबिक मेडिकल क्लेम से जुड़ा यह पूरा मामला वित्तीय वर्ष 2022-23 का है। आरोप है कि इस समयकाल में चिकित्सा दावों के नाम पर बड़े पैमाने पर हेराफेरी की गईं। मिल के कुछ कर्मचारियों ने एक पूर्व संविदा चिकित्सा अधिकारी और निजी दवा विक्रेताओं के साथ मिलीभगत कर फर्जी और बढ़ा-चढ़ाकर मेडिकल बिल तैयार किए। शुरुआती जांच में बिना ठोस चिकित्सीय आवश्यकता के महंगी दवाएं लिखने के साथ ही अन दवाओ को केवल चयनित किये गये केमिस्टों के जरिये से मंहगी कीमत पर बिल बनाए गए और उन्हें मेडिकल क्लेम के तहत पास कराया गया। इस प्रक्रियो में नियमों को दरकिनार कर भुगतान स्वीकृत किए जाने से सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। - आंतरिक सतर्कता (विजिलेंस) जॉच में गड़बड़ी हुई थी उजागर सूत्र बताते है की यह फर्जीवाड़े पहले आंतरिक सतर्कता यानी विजिलेंस जांच में पकड़ा गया था। रिपोर्ट सामने आने के बाद मामला सीबीआई मुख्यालय तक पहुंचा। इसके बाद भोपाल यूनिट ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की। प्रारंभिक पड़ताल में बड़े स्तर पर गड़बड़ी के संकेत मिलने के बाद एजेंसी ने छापेमारी का फैसला किया। छानबीन के दौरान बैंक ट्रांजेक्शन, मेडिकल बिलिंग पैटर्न और क्लेम अप्रूवल प्रक्रिया की पड़ताल की जा रही है। आगे की जॉच के आधार पर सीबीआई दोषियो के खिलाफ शिंकजा कसने की तैयारी कर रही है। जुनेद / 21 दिसंबर