राज्य
28-Dec-2025


- जबलपुर, विदिशा और शाजापुर जिलों में पायलट प्रोजेक्ट को मिली सफलता भोपाल (ईएमएस)। किसानों को घर बैठे खाद उपलब्ध कराने के लिए जबलपुर, विदिशा और शाजापुर जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत जो ई-टोकन व्यवस्था शुरू की गई थी, वह सफल रही है। इस व्यवस्था की सफलता को देखते हुए इसे 1 जनवरी 2026 से प्रदेशभर में लागू किया जाएगा। जानकारी के अनुसार, योजना का फायदा यह रहा कि खाद लेने के लिए किसानों को न तो कतार में खड़ा होना पड़ा, न ही दस्तावेज लेकर भटकने की जरूरत पड़ी। उन्होंने अपने मोबाइल या कंप्यूटर से ई-टोकन पोर्टल पर वांछित जानकारी दर्ज की, जिसके साथ ही तय मात्रा में खाद बुक हो गई। उसके बाद किसानों ने अपनी सुविधा के मुताबिक वितरण केंद्र से खाद प्राप्त कर ली। गौरतलब है कि किसानों को रसायनिक खाद वितरण में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए कृषि विभाग ने लगातार अनेक उपाय किए पर सफलता नहीं मिली। वितरण केंद्रों में खाद पाने किसानों की कतार लंबी होती गई। स्थाई समाधान की दिशा में कार्य करते हुए शासन ने एक अक्टूबर 2025 से खाद वितरण की नई व्यवस्था ई-टोकन का प्रयोग किया। इसके बेहतर परिणाम सामने आए। किसानों से प्राप्त फीडबैक के बाद यह व्यवस्था अब एक जनवरी 2026 से प्रदेशभर में लागू की जा रही है। खाद को घर तक पहुंचाने की वैकल्पिक सुविधा भी जबलपुर, विदिशा और शाजापुर जिलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत ई-टोकन व्यवस्था शुरू की गई थी। विभाग ने खाद को घर तक पहुंचाने की वैकल्पिक सुविधा भी दी है। जबलपुर में तीन माह के भीतर 40 हजार से अधिक किसानों ने ई-टोकन के माध्यम से लगभग 20 हजार 770 टन खाद ली। रबी सीजन में लगभग 59 हजार से ज्यादा किसानों ने खाद लेने के लिए ई-टोकन प्रणाली में पंजीयन कराया है। ई-टोकन व्यवस्था से किसान तय तारीख और समय पर केंद्र पहुंचकर आसानी से खाद ले सकेंगे। इससे न समय की बचत होगी, बल्कि वितरण केंद्रों पर भीड़ और अव्यवस्था पर नियंत्रण लगेगा। ई-टोकन के साथ-साथ किसानों के घर तक खाद पहुंचाने की सुविधा भी शुरू की गई है, लेकिन यह व्यवस्था किसानों को खास पसंद नहीं आई। जबलपुर जिले में अब तक केवल तीन किसान ही घर-घर खाद वितरण योजना से जुड़े हैं। अधिकांश किसानों का मानना है कि केंद्र से सीधे खाद लेना अधिक सुविधाजनक और भरोसेमंद है। ऐसे ले सकते हैं ई पोर्टल से खाद ई पोर्टल से खाद लेने के लिए किसानों को ई-टोकन पोर्टल पर किसान पंजीयन कराना जरूरी है। इसके लिए ई-टोकन डट एमपीकृषि डाट ओआरजी ओपन करें। ट्रस्ट/पट्टा/अन्य कृषक का पंजीयन पर क्लिक करें। आधार नंबर दर्ज करें और आधार सत्यापन पर क्लिक करें। ओटीपी प्रविष्ट करें एवं आधार सत्यापित पर क्लिक करें। आधार सत्यापन के बाद स्वत: प्रदर्शित जानकारी दें। किसान का नाम, मोबाइल और आधार नंबर व पते की जानकारी दें। भूमि विवरण जोडऩे की प्रक्रिया में जाकर और कुल रकबा, सिंचित रकबा और खसरा नंबर दें। स्थान विवरण चयन कर जिला, विकासखंड, ग्राम की जानकारी दें। इसके बाद भूमि जोड़ें पर क्लिक करें। अंत में चेक बाक्स में क्लिक कर अनुमोदन को प्रेषित करें। यह डाटा राजस्व विभाग के पास चला जाएगा। विनोद / 28 दिसम्बर 25