क्षेत्रीय
03-Jan-2026


जिल्हेरी घाट बना निजी पिकनिक स्पॉट, पर्यटक लौटे मायूस छिंदवाड़ा जबलपुर (ईएमएस)। नववर्ष के जश्न में जहां आम नागरिक प्रकृति की गोद में कुछ सुकून के पल बिताने की उम्मीद लेकर घरों से निकले, वहीं जिल्हेरी घाट में वन विभाग की गैर-जिम्मेदाराना और शर्मनाक लापरवाही सामने आई है। जानकारी के मुताबिक, वन विभाग के कर्मचारियों ने लगातार दो दिनों तक जिल्हेरी घाट में पार्टी मनाई, जबकि आम लोगों के प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई। कई किलोमीटर दूर-दराज़ से पहुंचे सैकड़ों पर्यटक जब घाट के मुख्य मार्ग पर पहुंचे तो उन्हें अचानक रोक दिया गया। न कोई लिखित आदेश दिखाया गया, न कोई पूर्व सूचना दी गई। परिवार, महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे घंटों इंतज़ार के बाद निराश होकर लौटने को मजबूर हुए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घाट पर वन विभाग के कुछ कर्मचारी भोजन और मनोरंजन में व्यस्त दिखाई दिए, जबकि सुरक्षा के नाम पर आम लोगों को भीतर जाने से रोक दिया गया। पर्यटकों का कहना है कि जिल्हेरी घाट एक सार्वजनिक पर्यटन स्थल है, जहां इस प्रकार अचानक रोक लगाना उचित नहीं है। मामले पर सफाई देते हुए वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि उक्त स्थान पर विभागीय कार्यशाला (वर्कशॉप) आयोजित की गई थी, इसी कारण अस्थायी रूप से प्रवेश पर रोक लगाई गई। अधिकारी बोले परेशान करना उद्देश्य नहीं वन अधिकारियों का कहना है कि इसका उद्देश्य किसी को परेशान करना नहीं था, विभागीय कार्यशाला को लेकर लोगों को न आने की सलाह दी गई थी। कार्यशाला की समाप्ति पर आमजनों के लिए इसे खोल दिया गया था। ताकि पर्यटक अनावश्यक रूप से परेशान न हों। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। पार्टी चलती रही, जनता बाहर खड़ी रही स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिस दौरान पर्यटकों को रोका गया, उसी समय भीतर संगीत, भोजन और जश्न का दौर चलता रहा। जब मामला उजागर हुआ तो वन विभाग के अधिकारी कार्यशाला का हवाला देकर मामले को टालते नजर आए। सवाल यह है कि यदि कार्यशाला थी, तो नववर्ष जैसे मौके पर उसी स्थल का चयन क्यों किया गया और यदि स्थल बंद करना था, तो जनता को पहले से सूचित क्यों नहीं किया गया। ईएमएस / 03 जनवरी 2026