राज्य
04-Jan-2026
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* ग्राम पाली के बाद अब गेवरा, दीपका में भी हालात बिगड़ने के संकेत कोरबा) सार्वजनिक क्षेत्र के वृहद उपक्रम कोल् इंडिया की अनुसांगिक कंपनी एसईसीएल बिलासपुर के अधीन कोरबा-पश्चिम क्षेत्र में स्थापित खुले मुहाने की गेवरा कोयला परियोजना अंतर्गत एसईसीएल की मेगा परियोजना एवं एशिया की सबसे बड़ी कोयला खदानों में शामिल एसईसीएल की गेवरा परियोजना एक बार फिर कोयला लिफ्टिंग को लेकर बड़े विवाद में घिर गई है। जानकारी के अनुसार गत रात्रि कोयला खदान परिसर में कोयला लिफ्टिंग कार्य को लेकर दो निजी कंपनियों के बीच हुई हिंसक झड़प में कई कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद खदान क्षेत्र में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। बताया जा रहा हैं कि गेवरा खदान में कोयला लिफ्टिंग का कार्य कर रही एक निजी कंपनी का लंबे समय से प्रभाव बना हुआ है। आरोप है कि कोयला लिफ्टिंग को लेकर अन्य कंपनियों पर दबाव बनाया जाता रहा है, जिससे आए दिन तनाव की स्थिति निर्मित होती रही है। खदान में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी भी इस स्थिति से असहज बताए जा रहे हैं। गत रात्रि बीती एक अन्य निजी कंपनी के कोयला लिफ्टिंग कर्मचारियों और उक्त निजी कंपनी से जुड़े लोगों के बीच पहले कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई। जिसमें कुछ कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गए। हालात बिगड़ने पर दोनों पक्षों में जमकर हाथापाई हुई। घटना की सूचना मिलने के बाद दीपका थाना में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और घायलों का इलाज जारी है। उल्लेखनीय हैं कि यह कोई पहली घटना नहीं घटित हुई हैं। करीब एक वर्ष पूर्व पाली क्षेत्र में भी कोयला लिफ्टिंग को लेकर इसी तरह की हिंसक घटना सामने आ चुकी है, जिसे समय रहते गंभीरता से नहीं लिया गया। अब गेवरा में हुई इस घटना के बाद आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में दीपका क्षेत्र में भी ऐसे हालात बन रहे हैं। 04 जनवरी / मित्तल