राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का दौर जारी जबलपुर (ईएमएस)। शनिवार की शाम से जबलपुर शहर की भाजपा की एक महिला नेत्री से जुड़ा कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद से राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा का दौर चल पड़ा हैँ। जिस तरह से उक्त वीडियो में दावे किए गए हैं उससे पार्टीगत अनुशासन के अलावा कानून-व्यवस्था पर भी प्रश्र चिन्ह लगने लगे हैं। शनिवार से सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में भाजपा महिला नेत्री शिखा शर्मा, पति केके शर्मा के कथित वीडियो में वह स्वयं तीन-तीन हत्या करने का दावा करती नजर आ रही हैं। यही नहीं, वीडियो में दो पुलिसअधिकारियों के नाम लिए जाने की भी चर्चाएं हैं। हालांकि प्रशासन की ओर से अब तक वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन इसके सामने आते ही शहर भर में चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। इस वीडियो ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि यदि सत्ताधारी दल से जुड़ी नेत्रियां इस प्रकार के गैर-जिम्मेदाराना और आपराधिक संकेत देने वाले बयान देती नजर आएं, तो आम जनता का भरोसा कानून और व्यवस्था पर कैसे कायम रहेगा। राजनैतिक हलकों में इस वीडियो में किए गए दावे की निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध जांच होनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके । यहां इस मामले में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष अश्विनी परांजपे का कहना हैँ कि वर्तमान में शिखा शर्मा महिला मोर्चाके किसी भी पद पर नहीं है। सोशल मीडिया पर वीडियो की जानकारी न हाने की दावा करते हुए उन्होंनेयह भी कहा कि इसे देखने के उपरांत ही कुछ बोलना मुनासिब होगा। यहां दूसरी ओर सीएसपी कोतवाली रितेश कुमार शिव ने कहा कि सोशल मीडिया में वायरल वीडियो की जांच कराई जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब हो कि भाजपा महिला नेत्री शिखा शर्मा इससे पहले उस समय सुर्खियों में आई थीं जब उन्होंने मदन महल क्षेत्र में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का काफिला रोक कर मदन महल पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि पुलिस ने एक दुकान मालिक से साठगांठ कर जबरन दुकान खाली करवाई। मुख्यमंत्री के काफिले को रोकने की घटना के बाद इस मामले ने राजनीतिक तूल ले लिया था। उक्त मामले में दुकान मालिक रवि पटेल का कहना है कि संबंधित दुकान एग्रीमेंट के आधार पर किराए पर दी गई थी, लेकिन शिखा शर्मा न तो नियमित किराया दे रही थीं और न ही दुकान खाली कर रही थीं। आरोपित है कि तब रवि पटेल ने मदन महल थाना और तहसीलदार कार्यालय में लिखित शिकायतें भी दी थीं लेकिन राजनीतिक रसूख के चलते कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी थी। .../ 4 जनवरी /2026