राष्ट्रीय
05-Jan-2026


66 फीसदी काम पूरा, सटीक आंकड़ा फाइनल एसआईआर के बाद आएगा देहरादून,(ईएमएस)। उत्तराखंड में आगामी लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को और सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य में एसआईआर की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। यह राज्य निर्माण के बाद पहली बार 2003 में अपनाई गई थी। उस समय मतदाताओं की संख्या करीब 59 लाख थी, जो अब बढ़कर 85 लाख से ज्यादा हो गई है। सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास ने बताया कि चुनाव आयोग का शुरुआती एसआईआर कार्यक्रम करीब 66 फीसदी पूरा हो चुका है। हालांकि, मतदाताओं का सटीक आंकड़ा केवल फाइनल एसआईआर के बाद ही सामने आएगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य हर मतदाता तक पहुंच बनाना है, जिससे यह तय किया जा सके कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से वंचित न रहे। इस बार की प्रक्रिया में खास बात यह है कि 2003 की मतदाता सूची को कट-ऑफ और लेगेसी डेटा मानकर वर्तमान मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। इस सत्यापन से यह स्पष्ट होगा कि राज्य में मतदाताओं की संख्या में वृद्धि हुई है या किसी जिले में कमी हुई। शुरुआती एसआईआर का काम 66 फीसदी पूरा हो चुका है। चुनाव अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान न केवल मतदाता सूची की सटीकता बढ़ाएगा, बल्कि आगामी चुनावों में लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वास भी मजबूत करेगा। राज्य में मतदाताओं की वास्तविक संख्या का पता चलेगा और इसके आधार पर आगामी चुनावों की तैयारी को गति मिलेगी। सिराज/ईएमएस 05जनवरी26