गुना (ईएमएस)। समाज में समरसता और कानून की एकरूपता की मांग को लेकर सोमवार को सवर्ण आर्मी के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। संगठन के पदाधिकारियों ने शिवपुरी के खनियाधाना में मनुस्मृति जलाए जाने की घटना पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि एकपक्षीय कार्रवाई बंद नहीं हुई तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए विवश होगा। कानून सबके लिए समान हो सवर्ण आर्मी सवर्ण आर्मी के जिलाध्यक्ष विक्रम सिंह तोमर के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि बीते 25 दिसंबर को खनियाधाना (शिवपुरी) में भीम आर्मी से जुड़े लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में सार्वजनिक रूप से सनातनी ग्रंथ मनुस्मृति का दहन किया था। इस घटना के वीडियो साक्ष्य होने के बावजूद अब तक दोषियों पर कोई वैधानिक कार्रवाई नहीं की गई है। संगठन का कहना है कि एक तरफ बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के छायाचित्र के साथ हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर तत्काल गिरफ्तारियां की गईं, वहीं दूसरी ओर सनातनी आस्था पर चोट करने वालों को खुला छोड़ दिया गया है। समरसता बिगाडऩे वालों पर हो कठोर कार्रवाई ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि सवर्ण आर्मी किसी भी महापुरुष, ग्रंथ या प्रतीक के अपमान का समर्थन नहीं करती है। संगठन ने मांग की है कि समाज में वैमनस्यता और जातीय संघर्ष फैलाने की नीयत से मनुस्मृति जलाने वाले विनय रतन सिंह, सुनील अस्तेय और अन्य दोषियों पर तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए। पदाधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री पूरे प्रदेश के होते हैं, किसी वर्ग विशेष के नहीं, इसलिए न्याय की तराजू सभी के लिए समान होनी चाहिए। आंदोलन की चेतावनी सवर्ण आर्मी ने प्रशासन को चेताया कि यदि समय रहते निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो समाज में व्याप्त आक्रोश एक बड़ेे लोकतांत्रिक आंदोलन का रूप ले लेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान सवर्ण आर्मी के अनेक पदाधिकारी और सामान्य वर्ग के नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।