* पिछले 20 वर्षों में गुजरात को 3.57 लाख करोड़ रुपये का विदेशी निवेश : भूपेन्द्र पटेल * 80 एमओयू से शुरू हुआ वाइब्रेंट, आज 98,000 प्रोजेक्ट्स की सफलता : उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी राजकोट (ईएमएस)| मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कहा कि तत्कालीन मुख्यमंत्री तथा वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक विजन के साथ वर्ष 2003 में वाइब्रेंट गुजरात समिट शुरू करवा कर गुजरात की उद्योग संभावना को विश्व के समक्ष रखा था। महाजन, प्रजाजन तथा प्रशासन के प्रयासों और श्रृंखलाबद्ध वाइब्रेंट समिट के कारण गुजरात आज देश का ग्रोथ इंजन तथा निवेश के लिए मोस्ट प्रिफर्ड डेस्टिनेशन बना है। वाइब्रेंट समिट की पिछले दो दशक की सफलता के परिणामस्वरूप राज्य में पिछले 20 वर्षों में 3.57 लाख करोड़ रुपए का विदेशी निवेश आया है। भूपेन्द्र पटेल ने राज्य के सर्वांगीण विकास की झाँकी देते हुए कहा कि गुजरात आज ग्लोबल गेटवे टू द फ्यूचर (भविष्य के लिए वैश्विक द्वार) बना है और प्रगति के नए बेंचमार्क सेट कर रहा है। ऑटो सेक्टर, सेमीकंडक्टर, फाइनांशियल सर्विसेज, एआई, ग्रीन एनर्जी जैसे अनेक उभरते क्षेत्रों में गुजरात आज हब बनने की ओर जा रहा है। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2024 की वाइब्रेंट गुजरात समिट में लगभग 98 हजार एमओयू होने का उल्लेख करते हुए कहा कि उनमें से 25,00 एमओयू कच्छ-सौराष्ट्र के थे, जिनमें से 78 प्रतिशत प्रोजेक्ट कमीशंड हो चुके हैं। कच्छ-सौराष्ट्र की वाइब्रेंट कॉन्फ्रेंस के बारे में उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के 12 जिले रिन्यूएबल एनर्जी, वर्ल्ड क्लास पोर्ट, शिप बिल्डिंग, एग्रो प्रोसेसिंग, सिरेमिक, केमिकल, फिशरीज तथा ब्लू इकोनॉमी आदि जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए सुदृढ़ इकोसिस्टम से सज्ज हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात में जिले वोकल फॉर लोकल तथा लोकल फॉर ग्लोबल की संकल्पना साकार करें, इसके लिए राज्य सरकार स्टेट जीडीपी की तरह जिले की जीडीपी में वृद्धि का कॉन्सेप्ट लाई है। जिलों के विकास को नई दिशा देने के लिए राज्य में छह रीजनल ग्रोथ हब विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने जोड़ा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व से जन-जन में आस्था की ज्योत और प्रबल बनाई है। श्री पटेल ने कहा कि उद्यमशीलता से आत्मनिर्भरता को वेग देने के लिए वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस का प्रारंभ किया जा रहा है। वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस – कच्छ एवं सौराष्ट्र के उद्घाटन अवसर पर स्वागत संबोधन करते हुए उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा कि एक समय उद्योग क्षेत्र मे वापी से तापी तक ही गुजरात पहचाना जाता था तत्कालीन मुख्यमंत्री तथा वर्तमान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2003 में गुजरात में वाइब्रेंट गुजरात समिट लॉन्च कर गुजरात को इन्वेस्टमेंट एवं मैन्युफैक्चरिंग की दिशा में बहुत बड़ा प्रोत्साहन दिया है। वाइब्रेंट के कारण गुजरात की चारों दिशाओं में मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में अनेक सेक्टर विकसित हुए हैं। वाइब्रेंट गुजरात की सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देते हुए संघवी ने कहा कि 80 एमओयू के साथ शुरू हुई इस इवेंट की सफलता से आज 98,000 प्रोजेक्ट पूर्ण हुए हैं। वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस – कच्छ एवं सौराष्ट्र के बारे में जानकारी देते हए संघवी ने जोड़ा कि आज 400 से अधिक एग्जीबिटर्स कॉन्फ्रेंस में भाग ले रहे हैं। 16 से अधिक देशों के प्रतिनिधि रिवर्स बायर्स-सेलर्स मीट में सहभागी हुए हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कॉन्फ्रेंस के आयोजन से एमएसएमई आदि सेक्टर्स को बड़ा फायदा होगा। गुजरात में निवेश के लिए आवश्यक सभी ढाँचागत सुविधाएँ स्थापित किए जाने का उल्लेख करते हुए हर्ष संघवी ने जोड़ा कि सरकार ने रोड-मार्ग, रेल-पोर्ट तथा एयर सहित सुदृढ़ कनेक्टिविटी विकसित की है। पूर्व निर्धारित औद्योगिक नीति, व्यापारियों को सरकार द्वारा सहयोग एवं सुरक्षा आदि निवेशकों के लिए गुजरात को श्रेष्ठ बनाते हैं। वाइब्रेंट गुजरात के कारण गुजरात के लाखों युवाओं को रोजगार मिल रहा है। वाइब्रेंट गुजरात से अनेक लोगों का व्यापार का सपना साकार हुआ है। फिनटेक की दुनिया में उत्तम शहर के रूप में गुजरात की गिफ्ट सिटी का सपना प्रधानमंत्री के विजन से साकार हुआ है। स्मार्ट सिटी, धोलेरा तथा साणंद एवं बेचराजी आदि शहरों के औद्योगिक विकास से बड़ा इकोसिस्टम स्थापित हो गया है। प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में ईज ऑफ डूइंग के 23 पैरामीटर्स पर गुजरात सरकार ने उल्लेखनीय कार्य किया है। संघवी ने विश्वास दिलाया कि प्रधानमंत्री के विकास के विजन को साकार करने के लिए समग्र टीम गुजरात प्रतिबद्ध है। सतीश/11 जनवरी