क्षेत्रीय
11-Jan-2026
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बालाघाट (ईएमएस). जिला चिकित्सालय बालाघाट की स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट में एक बार फिर समर्पित चिकित्सा सेवा और समय पर लिए गए सही निर्णय से नवजात शिशु को नया जीवन मिला। सिविल सर्जन डॉ. निलय जैन ने बताया कि नीतू हरिनखेड़े को प्रसव के लिए एक निजी अस्पताल ले जाया गया था, जहां इमरजेंसी में सीजर ऑपरेशन कराने की सलाह दी गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉ. निलय जैन ने परिजनों को जिला चिकित्सालय में ही सीजर करवाने की सलाह दी, ताकि नवजात और माता को तुरंत विशेषज्ञ उपचार मिल सके। सीजर ऑपरेशन के बाद जन्मे शिशु का वजन 2 किलो 100 ग्राम था, लेकिन जन्म लेते ही उसकी हालत अत्यंत नाजुक हो गई। शिशु को सांस लेने में भारी कठिनाई हो रही थी, शरीर नीला पड़ गया था, फेफड़े अंदर की ओर धंस रहे थे और गले से तेज आवाजें आ रही थीं। शिशु की गंभीर अवस्था देखकर पिता और रिश्तेदार बेहद घबरा गए और उसे तत्काल गोंदिया ले जाने पर अड़े हुए थे। ऐसे कठिन समय में डॉ. निलय जैन ने स्वयं लगातार शिशु की निगरानी की और परिजनों को बार-बार भरोसा दिलाया कि शिशु को कहीं ले जाने की आवश्यकता नहीं है, वह जिला चिकित्सालय में ही ठीक हो जाएगा। चिकित्सकीय टीम ने तुरंत शिशु को एसएनसीयू में भर्ती कर ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा और आवश्यकता अनुसार सीपैप मशीन के माध्यम से श्वसन सहायता दी। लगातार 4 से 5 दिनों तक गहन देखरेख और उपचार के बाद शिशु की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार आने लगा। छठे दिन शिशु पूरी तरह खतरे से बाहर आ गया और मुंह से दूध पीने लगा। अपने बच्चे को स्वस्थ देखकर माता-पिता की आंखों में खुशी और संतोष साफ झलक रहा था। उन्होंने डॉ. निलय जैन, डॉ. सुधा जैन तथा एसएनसीयू की पूरी टीम का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जिला चिकित्सालय के डॉक्टरों ने उनके बच्चे को नया जीवन दिया है। भानेश साकुरे / 11 जनवरी 2026