राज्य
11-Jan-2026
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पटना, (ईएमएस)। बिहार जद (यू0) के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने रविवार को नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि चुनावी जनादेश पर सवाल उठाकर वे न केवल लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति अविश्वास जता रहे हैं, बल्कि बिहार की जनता का भी अपमान कर रहे हैं। सदन में नेता प्रतिपक्ष जैसे संवैधानिक पद पर रहते हुए इस प्रकार के गैर-जिम्मेदाराना वक्तव्य उनकी राजनीतिक अपरिपक्वता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति नकारात्मक सोच को दर्शाते हैं। श्री कुशवाहा ने कहा कि बिहार की जनता ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सुशासन की नीति, विकासोन्मुखी सोच और 20 वर्षों की ऐतिहासिक उपलब्धियों पर भरोसा जताते हुए ऐतिहासिक बहुमत से एनडीए को पुनः सेवा का अवसर दिया है। जनता ने विपक्ष की झूठ, भ्रम और दुष्प्रचार की राजनीति को पूरी तरह नकारते हुए उसे राजनीतिक रसातल में पहुंचा दिया है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि असल में तेजस्वी यादव अब तक अपनी करारी चुनावी हार को पचा नहीं पाए हैं। इसी हताशा और झुंझलाहट के कारण वे अब जनता के फैसले पर भी प्रश्नचिह्न लगाने के विफल प्रयास में जुटे हुए हैं। अपनी राजनीतिक नाकामियों और असफलताओं को छिपाने के लिए तेजस्वी यादव अब चुनाव आयोग जैसी संवैधानिक संस्थाओं पर हार का ठीकरा फोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहाँ विपक्ष की सरकार बनती है, वहाँ चुनाव आयोग निष्पक्ष नजर आता है, और जहाँ उन्हें हार का सामना करना पड़ता है, वहाँ वही संस्था सवालों के घेरे में खड़ी कर दी जाती है। गत वर्ष पड़ोसी राज्य झारखंड में राजद समर्थित ‘इंडी गठबंधन’ की सरकार बनी, जिसमें तेजस्वी यादव की पार्टी के विधायक मंत्रिमंडल का हिस्सा भी हैं। इसलिए जनता अब विपक्ष की इस दोहरी मानसिकता और अवसरवादी राजनीति को भली-भांति समझ चुकी है। संतोष झा- ११ जनवरी/२०२६/ईएमएस