क्षेत्रीय
14-Jan-2026


हाथरस (ईएमएस) । साकेत कॉलोनी निवासी दिलीप अग्रवाल ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि पारिवारिक दुकान के विवाद में उनके तथा उनके पुत्र के विरुद्ध कथित रूप से झूठी प्राथमिकी दर्ज कराई गई। प्रकरण के अनुसार दिलीप अग्रवाल और उनके बड़े भाई संयुक्त रूप से एक दुकान का संचालन करते थे। दिलीप अग्रवाल के अनुसार, कुछ समय पूर्व उनके बड़े भाई का आकस्मिक निधन हो गया, जिसके बाद दुकान बंद हो गई। दुकान की एक चाबी उनके पास तथा दूसरी चाबी बड़े भाई की पत्नी राधिका अग्रवाल के पास थी। आरोप है कि बाद में दुकान को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ। प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि कथित रूप से कुछ व्यक्तियों के साथ मिलकर देवर और उसके पुत्र को थाने बुलवाया गया और उनके विरुद्ध कार्रवाई कराई गई। वहीं, दूसरी ओर यह भी आरोप लगाया गया है कि दिनदहाड़े दुकान का ताला तोड़े जाने की घटना हुई, जिसकी सूचना 112 पुलिस सेवा को दी गई थी। सूचना पर पहुंची पुलिस द्वारा दोनों पक्षों को थाने लाया गया, हालांकि उस समय कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया गया है। इसके पश्चात दिलीप अग्रवाल द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर उत्तर प्रदेश पुलिस को मामले से अवगत कराया गया। दिलीप अग्रवाल का यह भी आरोप है कि इसके बाद उनके और उनके पुत्र के विरुद्ध कथित रूप से प्राथमिकी दर्ज की गई। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि इस विवाद के दौरान उन पर जानलेवा हमले का प्रयास हुआ, जिसमें वे बाल-बाल बच गए। इन आरोपों के संबंध में संबंधित पक्षों की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले से व्यथित होकर दिलीप अग्रवाल ने न्यायालय की शरण ली। न्यायालय ने प्रथम दृष्टया तथ्यों को देखते हुए मामले की प्रारंभिक जांच अपर पुलिस अधीक्षक द्वारा कराए जाने के आदेश दिए हैं। साथ ही आदेश की एक प्रति पुलिस अधीक्षक, हाथरस को सूचना एवं आवश्यक कार्रवाई हेतु तत्काल प्रेषित करने के निर्देश दिए गए हैं। न्यायालय में वादी की ओर से पैरवी अधिवक्ता विमल कुमार सारस्वत द्वारा की गई। प्रकरण की अगली सुनवाई 30 जनवरी 2026 को नियत की गई है। ईएमएस/ नीरज चक्रपाणी/ 14 जनवरी 2026