क्षेत्रीय
14-Jan-2026


गोलगंज में दूसरे दिन भी दिया मंगलमय आशीर्वाद, बड़ी संख्या में प्रवचन सुनने उमड़ रहे श्रद्धालु छिंदवाड़ा (ईएमएस)। जैन आचार्य समय सागरजी महाराज इन दिनों छिंदवाड़ा की धरती कोअपनी उपस्थिति से पावन कर रहे हैं। आचार्यश्री बनने के बाद अपने पहले छिंदवाड़ा प्रवास में उनके दर्शन करने को बड़ी संख्या में जैन धर्मावलंबी पहुंच रहे है। वे सुबह गोलगंज में मंगल प्रवचन भी कर रहे हैं। बुधवार को उन्होंने कहा कि जीवन को धर्मबद्ध बनाना है तो स्वाध्याय बहुत जरूरी है। स्वाध्याय की ओर रूझान लोगों का कम होता जा रहा है। जो भी ग्रंथ मिले पुस्तक मिले हम उसका अध्ययन करें। अपने कर्त्तव्य को नहीं भूलते हुए हमें यह काम करना होगा। आज के बच्चों को हम क्या संस्कार दे रहे हैं यह माता पिता पर निर्भर करता है। भौतिक संसाधन हमारे पास बहुत हैं लेकिन धर्मपथ से हम वंचित होते जा रहे हैं। बच्चों को यदि हम अनुशासन में रखते हैं तो परिवार को अच्छे संस्कार मिल सकते हैं लेकिन ऐसा हेा नहीं पा रहा है। इसके लिए स्वाध्याय जरूरी है। आचार्यश्री ने कहा कि एक दूसरे के प्रति जो परोपकार का भाव है यह बिना जैन दर्शन के संभव नहीं हैं। आचार्यश्री ने कहा कि जैन धर्म जातिपरक धर्म नहीं हैं। इंद्रियों को जिसने जीत लिया वह जिन है और जो इसका अनुयायी है वो जैन है। जैन दर्शन सूक्ष्म है वह किसी केा अपराधी नहीं मानता। व्यक्ति जो भी भोगता है अपने कर्म और परिणामों से भोगता है। छिंदवाड़ा सौभाग्यशाली है कि यहां पुण्य जागृत हो रहा है। उन्होंने कहा कि भाव आपके हैं। समय जितना मिलना है वह मिलेगा। ये आपके उपर है कि इसे सार्थक बनाएं। ईएमएस/मोहने/ 14 जनवरी 2026