उज्जैन (ईएमएस )l सुप्रसिद्ध पार्श्व गायक शंकर महादेवन एवं उनके पुत्र सिद्धार्थ और शिवम ने श्री महाकालेश्वर मंदिर पंहुचकर भगवान श्री महाकाल जी के दर्शन किये। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उप प्रशासक श्रीमती सिम्मी यादव द्वारा स्वागत एवं सम्मान किया गया। वही महाकाल दर्शन के साथ उन्होंने महाकाल उत्सव में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में उन्होंने शिव भक्ति की प्रस्तुति देकर सबका मन मोह लियाl पांच दिवसीय महाकाल उत्सव में नौ प्रदेशों के मुख्यमंत्री अलग-अलग दिन शिरकत करेंगे तथा शंकर महादेवन के पश्चात 16 जनवरी को सोना महापात्रा भी यहां शिव भक्ति प्रस्तुत करेगीl महाकाल उत्सव के तहत शिव तत्त्व पर आधारित भव्य सांगीतिक प्रस्तुति “शिवा” महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगी। सायं 7 बजे से आयोजित इस विशेष सांस्कृतिक संध्या में देश का प्रतिष्ठित समूह द ग्रेट इंडियन कॉयर (मुंबई) द्वारा भगवान शिव के तत्त्व, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना को स्वरबद्ध किया जाएगा। यह प्रस्तुति संगीत, साधना और शिव अनुभूति का अद्भुत संगम होगी। वीर भारत न्यास, विक्रमादित्य शोध पीठ तथा श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह महोत्सव 14 से 18 जनवरी 2026 (विक्रम संवत 2082) तक चलेगा। महोत्सव के दूसरे दिन श्री महाकाल लोक एवं त्रिवेणी संग्रहालय में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी सहित विभिन्न सांस्कृतिक एवं लोक कलात्मक आयोजन संपन्न होंगे। महोत्सव का उद्देश्य भगवान शिव के तत्त्व, महाकाल की अवधारणा तथा भारतीय संस्कृति, साहित्य और लोक परंपराओं को जन-जन तक पहुँचाना है। इसके अंतर्गत शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं लोक कलात्मक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जा रही है, जिसमें देश-विदेश के विद्वान, कलाकार एवं सांस्कृतिक दल सहभागिता करेंगे। अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी : शिव तत्त्व और महाकाल महोत्सव के अंतर्गत एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिसका विषय “शिव तत्त्व और महाकाल : पुरातिहास, साहित्य और संस्कृति के परिप्रेक्ष्य में” रहेगा। यह संगोष्ठी गुरुवार को प्रातः 10:30 बजे, त्रिवेणी संग्रहालय, उज्जैन में प्रारंभ होगी। संगोष्ठी में विद्वानों द्वारा शोध परक आलेख एवं विचार प्रस्तुत किए जाएंगे, जो शिव परंपरा के दार्शनिक, सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक पक्षों को रेखांकित करेंगे। जनजातीय एवं लोक नृत्य प्रस्तुतियाँ महोत्सव में मध्यप्रदेश की समृद्ध जनजातीय संस्कृति को मंच प्रदान किया जाएगा। गुरुवार को गोंड जनजातीय गुडुम बाजा अशोक कुमार मार्कों एवं साथी (डिंडोरी), बैगा जनजातीय करमा नृत्य दयाराम एवं साथी (डिंडोरी), बेरेडी नृत्य मनीष यादव एवं साथी (सागर), भील जनजातीय भगोरिया नृत्य मनीष सिसोदिया एवं साथी (धार) जैसी प्रस्तुतियों के माध्यम से लोक जीवन, परंपरा और आस्था की जीवंत झलक देखने को मिलेगी। कला यात्रा एवं लोक वादन में आज कला यात्रा के अंतर्गत डमरू वादन दल — मुकेश शास्त्री एवं साथी, उज्जैन द्वारा प्रस्तुतियाँ दी जाएंगी। यह यात्रा रामघाट–हरसिद्धि पथ–बड़ा गणेश–महाकाल लोक मार्ग पर आयोजित होगी। कला यात्रा का समय अपरान्ह 4 बजे निर्धारित किया गया है। विशेष सांस्कृतिक संध्या : “शिवा” श्री महाकाल लोक में 15 जनवरी, सायं 7 बजे “शिवा” विषय पर आधारित भव्य सांगीतिक प्रस्तुति आयोजित की जाएगी। द ग्रेट इंडियन कॉयर (मुंबई) द्वारा प्रस्तुत यह कार्यक्रम भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक चेतना का अनुपम संगम होगा। सांस्कृतिक चेतना का उत्सव वीर भारत न्यास के सचिव श्रीराम तिवारी के अनुसार, श्री महाकाल महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि यह भारतीय चेतना, शिव दर्शन और लोक परंपराओं का जीवंत उत्सव है, जो उज्जैन की सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ करेगा। उन्होंने नगर के श्रद्धालुओं, संस्कृति प्रेमियों, विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों से महोत्सव में सहभागिता कर आयोजन को सफल बनाने का आह्वान किया है। ईएमएस/रामचंद्र गिरी/ 14 जनवरी 2026