कहा- ‘नोटा’ का विकल्प चुनने से परोक्ष रूप से अवांछित उम्मीदवारों को बढ़ावा मिलता है नागपुर,(ईएमएस)। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने गुरुवार को नागपुर महानगरपालिका चुनाव के लिए अपना वोट डाला। भागवत सुबह-सुबह मतदान करने वाले मतदाताओं में शामिल थे। मतदान के बाद मीडिया से मुखाबित होते हुए उन्होंने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी और सही उम्मीदवार चुनने के महत्व पर जोर दिया। आरएसएस प्रमुख भागवत ने कहा कि ‘नोटा’ का विकल्प चुनने से परोक्ष रूप से अवांछित उम्मीदवारों को बढ़ावा मिलता है। भागवत सुबह करीब साढ़े सात बजे नागपुर के महल इलाके में स्थित मतदान केंद्र पहुंचे और अपना वोट डाला। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि जनहित को ध्यान में रखते हुए सभी लोग चुनाव में योग्य उम्मीदवार को ही वोट दें। उन्होंने कहा कि इसलिए आज मैंने सबसे पहला काम यह किया कि वोट डाला। चुनाव में मतदाताओं के लिए उपलब्ध उपरोक्त में से कोई नहीं (नोटा) विकल्प के संबंध में उन्होंने कहा कि नोटा का मतलब है कि आप सभी को अस्वीकार करते हैं और ऐसा करके हम एक ऐसे व्यक्ति को बढ़ावा देते हैं जिसे कोई नहीं चाहता। उन्होंने कहा कि ‘नोटा’ लोगों को अपनी असहमति व्यक्त करने का एक विकल्प देता है लेकिन किसी को भी वोट नहीं देने से बेहतर है कि किसी को वोट दिया जाए। मीडिया रिपोर्टे के मुताबिक आरएसएस के पूर्व सर कार्यवाह और केंद्रीय समिति के सदस्य भैयाजी जोशी भी शुरुआती मतदाताओं में शामिल थे। उन्होंने चुनाव में मतदान के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में सरकारें जनादेश से बनती हैं, जिसे अक्सर चुनाव के जरिए व्यक्त किया जाता है जहां नागरिक अपने प्रतिनिधियों के लिए मतदान करते हैं। जोशी ने कहा कि हम चाहते हैं कि लोकतंत्र में हर कोई अपने मताधिकार का इस्तेमाल करे। लोकतंत्र में सरकार जनादेश से बनती है और यह अपेक्षा की जाती है कि चुनी हुई सरकार जनता की अपेक्षाओं को पूरा करे। पिछले नागपुर महानगरपालिका चुनाव में बीजेपी ने कुल 151 सीट में से 108 सीट जीतीं, वहीं कांग्रेस ने 28, बसपा ने 10, शिवसेना ने दो और एनसीपी ने एक सीट जीती थी। राज्य में 29 नगर निकायों के चुनाव के लिए गुरुवार को मतदान जारी है। सिराज/ईएमएस 15जनवरी26 ------------------------------------