अंतर्राष्ट्रीय
15-Jan-2026


कराची,(ईएमएस)। पाकिस्तान के मुरिदके शहर में भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों को लेकर हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा का मुख्यालय मरकज़-ए-तैयबा फिर सक्रिय करने की कोशिशें जोर पकड़ रही हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जो इमारतें नष्ट हुई थीं, उन्हें फिर से खड़ा करने और सजाने का काम तेजी से जारी है। इस प्रक्रिया की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आई हैं। सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तानी सेना और आईएसआई इस पुनर्निर्माण कार्य के लिए बड़ी मात्रा में फंडिंग कर रही हैं। वीडियो फुटेज में स्पष्ट रूप से परिसर की बाउंड्री वॉल और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर पर मरम्मत और रंग-रोगन का काम देखा गया। ये संकेत देते हैं कि आतंकी ढांचे को फिर से मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। खुफिया जानकारी के अनुसार, गुरुवार को मरकज़-ए-तैयबा परिसर में 2026 बैच के प्रशिक्षित आतंकियों के लिए विशेष सेरेमनी आयोजित की जाएगी। इससे पहले, आतंकियों को वैचारिक और सैन्य प्रशिक्षण दिया गया है ताकि उन्हें सक्रिय मोर्चों पर तैनात किया जा सके। सुरक्षा एजेंसियां इसे पाकिस्तान की पुरानी नीति का हिस्सा मानती हैं, जिसमें अंतरराष्ट्रीय दबाव के बावजूद आतंकवादी संगठनों को संरक्षण दिया जाता रहा है। हाल ही में पाकिस्तान ने ड्रोन हमलों के माध्यम से नापाक प्रयास किए थे, जिन्हें भारतीय सेना और सीमा सुरक्षा बल ने सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। फिलहाल भारत-पाक सीमा की हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है, और सुरक्षा एजेंसियां किसी भी संभावित आतंकवादी हरकत को रोकने के लिए अलर्ट मोड में हैं। आशीष दुबे/ 15 जनवरी 2026