10 मिनट की डिलीवरी पर रोक जबलपुर (ईएमएस)। कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जब मुद्दा व्यापारियों और उपभोक्ताओं से जुड़ा हुआ हो, तो कैट की आवाज़ निर्णायक होती है। संसद में मुद्दा उठाने से लेकर राष्ट्रीय प्रेस कॉन्फ्रेंस, सरकार को विस्तृत पत्र और लगातार जनहित में चेतावनी के परिणाम स्वरुप केंद्र सरकार ने 10 मिनिट की डिलीवरी पर रोक लगा दी। कैट प्रदेश अध्यक्ष सुनील अग्रवाल में बताया कि यह निर्णय मानवीय, दूरदर्शी और समयोचित है, जो डिलीवरी कर्मियों की जान, स्थानीय व्यापार और पूरे रिटेल इकोसिस्टम की रक्षा करता है। कैट के प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र पचौरी ने कहा कि कैट है तो मुमकिन है यह सिर्फ एक जीत नहीं, बल्कि सुरक्षित, न्यायसंगत और जवाबदेह डिजिटल व्यापार व्यवस्था की दिशा में एक मजबूत शुरुआत है। कैट प्रदेश संरक्षक संदेश जैन ने सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कैट आगे भी जनहित में सुधारों के लिए प्रतिबद्ध रहेगा। कैट संभागीय अध्यक्ष दीपक सेठी ने सरकार के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि इस तरीके के ऑनलाइन कंपनियों के स्लोगन उपभोक्ता को तो लुभाते हैं, मगर डिलीवरी बॉय के लिए जानलेवा साबित हो रहे थे, कई कंपनियों के स्लोगन में 10 मिनट में सामान की डिलीवरी का स्लोगन बोलने के बाद भी कई जगह पर उपभोक्ता को 10 मिनट में डिलीवरी नहीं पहुंचाई जाती थी, कैट जबलपुर अध्यक्ष राजीव बड़ेरिया ने सरकार के इस सराहनीय कदम पर कहा कि व्यापार में कंपटीशन करना एक अलग बात है, कुछ ऑनलाइन कंपनियां इस तरीके के कुछ स्लोगनों का इस्तेमाल कर जो उपभोक्ता को अपनी और आकर्षित करती है, इस तरीके से नहीं होना चाहिए जिसमें की डिलीवरी बॉय की जान का खतरा एवं समय पर न पहुंचने पर उसकी नौकरी चल जाने का खतरा होता है, सुनील साहू / मोनिका / 15 जनवरी 2026/ 5.22