- अब डॉक्टरों और अन्य पर बकाया वसूली की तैयारी भोपाल (ईएमएस)। भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) परिसर में बने 15 आवास, अमृत फार्मेसी, सुलभ शौचालय और अन्य भवनों में तीन साल से बिजली बिल का भुगतान नहीं हुआ है। साल 2022 से अब तक डॉक्टरों और अन्य संबंधित लोगों ने बिजली बिल जमा नहीं किए, जबकि कॉलेज प्रबंधन ने भी इस अवधि में किसी को नोटिस नहीं भेजा। बीच के सालों में जीएमसी प्रबंधन ने अपने ही ऑटोनॉमस फंड से बिल का भुगतान किया। पिछले हफ्ते हुई कार्यकारिणी बैठक में स्थिति गंभीर बताई गई और अब प्रबंधन ने बकाया वसूली और मासिक बिल प्रणाली लागू करने का फैसला लिया है। 3 साल का बकाया वसूलेगा प्रबंधन कार्यकारिणी बैठक में फैसला हुआ कि हर आवास का हिसाब-किताब खंगाल कर डॉक्टरों को नोटिस भेजे जाएंगे। जनवरी से वसूली की प्रक्रिया शुरू होगी, साथ ही भुगतान की समय-सीमा भी तय की जाएगी। त्ररूष्ट प्रबंधन का कहना है कि यह समस्या वर्षों से लंबित थी, लेकिन अब इसे सख्ती से निपटाया जाएगा। पहले हमीदिया अस्पताल प्रशासन आवासों से बिजली बिल वसूलता था, लेकिन 2021 के बाद यह जिम्मेदारी जीएमसी को मिली। इसके बाद डॉक्टरों और अन्य उपयोगकर्ताओं ने भुगतान पर ध्यान नहीं दिया। पहले भी नोटिस और बैठकों में मुद्दा उठा, लेकिन समाधान नहीं निकला। अब हर मकान में लगेगा सब-मीटर प्रबंधन ने समाधान के तौर पर सभी आवासों में सब-मीटर लगाने का निर्णय लिया है। बिजली कंपनी महीने के अंत तक यह काम पूरा करेगी, जिसके बाद जितनी बिजली खर्च होगी, उतना बिल हर महीने देना होगा। जीएमसी की डीन डॉ. कविता एन. सिंह ने कहा कि डॉक्टर हमारे ही हैं, यह कोई बड़ा विवाद नहीं है। आगे सब-मीटर से बिल लिया जाएगा। बकाया वसूली भी कर ली जाएगी।