ज़रा हटके
17-Jan-2026
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लंदन (ईएमएस)। यहां रहने वाली एक 41 वर्षीय आईटी प्रोफेशनल लॉरा स्लिजाइट ने न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स को सोचने पर मजबूर कर दिया है। करीब 13 साल तक वीगन रहने के बाद लॉरा ने अब पूरी तरह ‘कार्निवोर डाइट’ अपना ली है, जिसमें उनका आहार सिर्फ मांस, मछली, अंडे और मक्खन तक सीमित है। उनका दावा है कि फल और सब्जियां अब उनके शरीर को नुकसान पहुंचाती हैं। लॉरा के मुताबिक, उन्होंने करीब ढाई साल पहले इस डाइट को महज 30 दिनों के लिए आजमाने का फैसला किया था, लेकिन इसके असर देखकर उन्होंने इसे अपनी स्थायी जीवनशैली बना लिया। लॉरा बताती हैं कि वीगन रहने के दौरान वे कई स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं। उन्हें डिप्रेशन, जोड़ों में दर्द, लगातार थकान, एक्जिमा, मसूड़ों से खून आना और माइग्रेन जैसी परेशानियां थीं। हालात इतने बिगड़ गए थे कि उन्हें एनीमिया यानी खून की कमी भी हो गई थी। उनका कहना है कि मांसाहारी आहार शुरू करने के बाद उनकी सेहत में धीरे-धीरे लेकिन स्पष्ट बदलाव नजर आने लगा। उनकी ऊर्जा स्थिर हो गई, बार-बार अनहेल्दी खाने की इच्छा खत्म हो गई और त्वचा से जुड़ी समस्याएं भी काफी हद तक ठीक हो गईं। लॉरा का दावा है कि अब वे पहले से ज्यादा संतुलित और एक्टिव महसूस करती हैं। दिलचस्प बात यह है कि पिछले साल उन्होंने एक बार फिर प्रयोग के तौर पर अपने आहार में फल और सब्जियां शामिल करने की कोशिश की। लेकिन कुछ ही समय में उनके पुराने लक्षण वापस आने लगे। उनका मूड खराब रहने लगा, एक्जिमा फिर से उभर आया और उन्हें बार-बार भूख लगने लगी। इसके बाद उन्हें यह अहसास हुआ कि उनका शरीर मांस आधारित डाइट पर ही सबसे बेहतर तरीके से काम करता है। लॉरा के रोजमर्रा के भोजन की बात करें तो सुबह वे अंडे और मक्खन लेती हैं, दोपहर में चिकन लीवर और रात के खाने में मक्खन व नमक के साथ बीफ जॉइंट खाती हैं। हाल ही में उन्होंने छह दिनों का ‘सार्डिन फास्ट’ भी किया, जिसमें वे सिर्फ मछली पर निर्भर रहीं। लॉरा का कहना है कि इससे उन्हें मानसिक स्पष्टता और बेहतर नींद का अनुभव हुआ। हालांकि, उनकी इस डाइट को लेकर आलोचक लगातार दिल से जुड़ी बीमारियों और हार्ट अटैक के खतरे की चेतावनी देते रहते हैं। इसके बावजूद लॉरा का मानना है कि वे अब पहले से कहीं ज्यादा स्वस्थ और ऊर्जावान हैं। सुदामा/ईएमएस 17 जनवरी 2026